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उत्तराखंड के 70 हजार शिक्षकों में से 19 को मिला प्रतिष्ठित शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार! शिक्षक दिवस पर राज्यपाल ने किया सम्मानित

editor
  • Awaaz Desk
  • September 05, 2026 11:09 AM
19 out of 70,000 teachers in Uttarakhand received the prestigious Shailesh Matiyani State Educational Award! Honoured by the Governor on Teachers' Day.

देहरादून। शिक्षक दिवस के अवसर पर देहरादून स्थित लोक भवन में आयोजित शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार समारोह में वर्ष 2025 के लिए चयनित 19 शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि.) गुरमीत सिंह ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को पुरस्कार प्रदान किए। इस दौरान राज्यपाल ने शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षक केवल एक पेशे से जुड़ा व्यक्ति नहीं, बल्कि पीढ़ियों को दिशा देने और राष्ट्र के भविष्य को गढ़ने वाला मार्गदर्शक होता है। राज्यपाल ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को केवल ज्ञान नहीं देता, बल्कि उनमें संस्कार विकसित करता है, उनकी प्रतिभा को पहचानता है और जीवन की सही दिशा दिखाता है। हजारों शिक्षकों के बीच चयनित होकर राज्य शैक्षिक पुरस्कार प्राप्त करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि शिक्षक की सफलता केवल इस बात से तय नहीं होती कि उसकी कक्षा के कितने विद्यार्थियों ने अच्छे अंक हासिल किए। शिक्षक की वास्तविक सफलता तब है, जब सामान्य परिवार का कोई बच्चा आगे बढ़कर देश की पहचान बने और यह कहे कि सपने देखने तथा उन्हें पूरा करने का विश्वास उसे अपने गुरु से मिला। राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं है। बच्चों में सोचने, समझने, प्रश्न करने और सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना भी शिक्षा का अहम उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि भविष्य की शिक्षा में तकनीक की शक्ति और शिक्षक की संवेदना का समन्वय आवश्यक है। तकनीक बच्चों के सामने सीखने के नए अवसर खोल सकती है, लेकिन उन अवसरों का सही दिशा में उपयोग कराने की जिम्मेदारी शिक्षक की ही होगी। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सम्मानित शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश के करीब 70 हजार शिक्षकों में से 19 शिक्षकों का चयन करना चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार शिक्षकों के उत्कृष्ट कार्य और शिक्षा के प्रति उनके समर्पण का प्रमाण है। शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार प्रसिद्ध साहित्यकार एवं कथाकार शैलेश मटियानी के नाम पर प्रदान किया जाता है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि शैलेश मटियानी ने हिंदी साहित्य को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया और 100 से अधिक पुस्तकों की रचना की। उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश के विद्यालयी पुस्तकालयों में शैलेश मटियानी की प्रमुख कृतियां उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि विद्यार्थी उनके साहित्य और लेखन से परिचित होने के साथ उत्तराखंड की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत से भी जुड़ सकें।

इन शिक्षकों को मिला सम्मान
प्रारंभिक शिक्षा श्रेणी में विष्णुपाल सिंह नेगी (पौड़ी गढ़वाल), लखपत सिंह रावत (चमोली), पृथ्वी सिंह रावत (उत्तरकाशी), वीरेंद्र सिंह रावत (देहरादून), रोबिन कुमार (हरिद्वार), महेश्वर प्रसाद सेमवाल (टिहरी), शशिकांत नौटियाल (रुद्रप्रयाग), जहीर अब्बास (चंपावत) नौ सिंह (ऊधमसिंह नगर), डॉ. श्वेता मजगांई (नैनीताल), विक्रम सिंह परिहार (पिथौरागढ़) और त्रिलोक सिंह अधिकारी (अल्मोड़ा) को सम्मानित किया गया।

वहीं माध्यमिक शिक्षा श्रेणी में नरेंद्र सिंह नेगी (पौड़ी गढ़वाल), डॉ. सुमन ध्यानी शर्मा (चमोली), डॉ. अतुल कुमार श्रीवास्तव (देहरादून), कमलेश पंवार (हरिद्वार), नवीन चंद्र पंत (चंपावत) और विशन सिंह मेहता (नैनीताल) को पुरस्कार प्रदान किया गया।

इधर प्रशिक्षण संस्थान श्रेणी में डॉ. सुबोध सिंह बिष्ट (उत्तरकाशी) तथा विशेष सम्मान (राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेता) के रूप में मंजूबाला (चंपावत) को सम्मानित किया गया। समारोह में शिक्षकों के योगदान को रेखांकित करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए उनका उत्साहवर्धन किया गया।


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