ऊधमसिंहनगर को ₹376 करोड़ की सौगात: रुद्रपुर को जाम से मिलेगी मुक्ति,41 विकास योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण
जनपद ऊधमसिंहनगर के विकास पथ को एक नई और रफ्तार मिल गई है। रुद्रपुर के गांधी पार्क में आयोजित 'खेत बचाओ अभियान' कार्यक्रम के दौरान जिले को ₹376 करोड़ से अधिक की लागत वाली 41 महत्वपूर्ण विकास योजनाओं की भव्य सौगात दी गई। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की गरिमामयी मौजूदगी में हुए इस महापर्व में जिले के बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) को मजबूत करने के लिए कई बड़ी घोषणाओं पर मुहर लगी। इस दौरान मंच से कुल ₹46.32 करोड़ की लागत से पूरी हो चुकी 9 विकास योजनाओं का लोकार्पण कर उन्हें जनता को समर्पित किया गया। साथ ही, भविष्य की जरूरतों को देखते हुए ₹330.34 करोड़ की लागत वाली 32 नई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया। इस पूरे आयोजन का सबसे प्रमुख आकर्षण रुद्रपुर की बहुप्रतीक्षित काशीपुर बाईपास सड़क के चौड़ीकरण कार्य का शुभारंभ रहा। पिछले लंबे समय से यह मार्ग शहर के भीतर भारी जाम और यातायात के दबाव का मुख्य कारण बना हुआ था। अब लगभग ₹14 करोड़ की भारी-भरकम लागत से इस बाईपास का कायाकल्प किया जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद न केवल स्थानीय निवासियों को दैनिक जाम के नरक से मुक्ति मिलेगी, बल्कि बाहरी राज्यों और जिलों से आने-जाने वाले वाहनों के लिए भी आवागमन बेहद सुगम, तेज और सुरक्षित हो जाएगा।
बाईपास के अलावा इस भारी बजट का उपयोग जिले के विभिन्न क्षेत्रों में चमचमाती सड़कों के निर्माण, लिंक रोड के चौड़ीकरण, आधुनिक जनसुविधाओं के विस्तार और ग्रामीण आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए किया जाएगा। प्रशासन का मुख्य फोकस इस बात पर है कि विकास का लाभ केवल शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि ऊधमसिंहनगर के दूर-दराज के गांवों तक पहुंचे। इन योजनाओं के धरातल पर उतरने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री और अन्य मुख्य वक्ताओं ने साफ किया कि केंद्र और राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ जनहित से जुड़ी आधारभूत विकास योजनाओं को प्राथमिकता दे रही है। वक्ताओं ने कहा कि इन सभी परियोजनाओं के समय पर पूरा होने से जनपद में न सिर्फ यातायात व्यवस्था चाक-चौबंद होगी, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। सरकार का लक्ष्य ऊधमसिंहनगर को उत्तराखंड के सबसे विकसित और सुविधायुक्त जिलों की अग्रिम पंक्ति में खड़ा करना है। इस ऐतिहासिक सौगात के बाद स्थानीय जनता और व्यापारियों में भारी उत्साह का माहौल है।