किडनी कांड ने झकझोरा देशः कानपुर में मजबूरी में छात्र ने बेची किडनी! दोस्त से मिलते ही छलके आंसू और सामने आया दर्द भरा सच
कानपुर। अपनी किडनी बेचने वाले छात्र आयुष कुमार की कहानी मजबूरी, दर्द और टूटते सपनों की हकीकत को बयां करती है। कानपुर के हैलट अस्पताल के आईसीयू में भर्ती आयुष के आंखों में अब सिर्फ पछतावा है। जब देहरादून से उसकी महिला मित्र उससे मिलने पहुंची, तो वहां का माहौल अचानक बेहद भावुक हो गया। पुलिस की मौजूदगी में जैसे ही दोनों आमने-सामने आए, किसी के मुंह से शब्द नहीं निकले और सिर्फ आंसू बहते रहे। दोस्त का सवाल था, ‘तुमने ऐसा क्यों किया?’ आयुष के पास सिर्फ खामोशी और पछतावे के आंसू थे। सूत्रों के मुताबिक आयुष पिछले कई महीनों से आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उसके कंधों पर आ गई थी। फीस भरने के पैसे नहीं थे, घर की जमीन पहले से गिरवी थी और मदद का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा था। इसी बीच वह एक ऐसे नेटवर्क के संपर्क में आया, जिसने उसे किडनी बेचने के लिए उकसाया। करीब 6 लाख रुपये का सौदा हुआ, लेकिन ऑपरेशन के बाद उसे पूरी रकम भी नहीं मिली। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरे मामले के तार नोएडा, लखनऊ और गाजियाबाद तक जुड़े हुए हैं। कई टीमें इस रैकेट का पर्दाफाश करने में जुटी हैं। वहीं अस्पताल में आयुष का इलाज जारी है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है उसका मानसिक सहारा, क्योंकि शरीर का घाव भर जाएगा पर अंदर का दर्द शायद जल्दी नहीं भरेगा।