चंपावत में शिक्षा के लिए बड़ा कदम! अब 25 किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल नहीं जाएंगे बच्चे, विद्यार्थियों के लिए विद्या वाहिनी के तहत शुरू हुई स्कूल वाहन सेवा
चंपावत। नेपाल सीमा से सटे चंपावत जिले के लोहाघाट ब्लॉक के लेटी डुंगरा क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को अब इंटरमीडिएट की पढ़ाई के लिए रोजाना करीब 25 किलोमीटर की दूरी पैदल तय नहीं करनी पड़ेगी। जिलाधिकारी मनीष कुमार की पहल पर क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए विद्या वाहिनी कार्यक्रम के तहत स्कूल वाहन की व्यवस्था कर दी गई है। सोमवार को पहली बार वाहन से विद्यालय जाते समय छात्र-छात्राओं के चेहरों पर खुशी साफ नजर आई। इस पहल से बच्चों और अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। दरअसल, लेटी डुंगरा क्षेत्र में हाई स्कूल के बाद आगे की शिक्षा के लिए कोई विद्यालय नहीं है। ऐसे में यहां के छात्र-छात्राओं को इंटरमीडिएट की पढ़ाई के लिए राजकीय इंटर कॉलेज मडलक जाना पड़ता है। विद्यालय की दूरी अधिक होने के कारण बच्चों को रोजाना करीब 25 किलोमीटर पैदल सफर करना पड़ता था। गर्मी और बरसात के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती थी। लंबी दूरी और आवागमन की परेशानी के चलते कई विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही थी, जबकि कुछ बच्चों ने हाई स्कूल के बाद पढ़ाई तक छोड़ दी थी। क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रतिनिधि प्रवीण पांडे ने विद्यार्थियों की इस समस्या को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, जिलाधिकारी और जिले के प्रभारी मंत्री के समक्ष प्रमुखता से उठाया था। छात्र-छात्राओं ने भी अपनी समस्या के समाधान की मांग की थी। मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बच्चों की सुविधा के लिए वाहन व्यवस्था कराने की पहल की। अब लेटी डुंगरा क्षेत्र के विद्यार्थियों को स्कूल आने-जाने के लिए दो वाहनों की सुविधा मिलेगी। सोमवार को लोहाघाट ब्लॉक प्रमुख महेंद्र ढेक, दर्जा राज्य मंत्री सुभाष बगौली और भाजपा नेता मोहित पाठक ने स्कूल वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान ब्लॉक प्रमुख ने छात्र-छात्राओं को छाते भी वितरित किए। वाहन सुविधा मिलने पर विद्यार्थियों और अभिभावकों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और जिलाधिकारी मनीष कुमार का आभार जताया। छात्रों ने मुख्यमंत्री से विद्यालय के उच्चीकरण की मांग भी की। वहीं, क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रतिनिधि प्रवीण पांडे ने कहा कि वाहन सुविधा से अब बच्चों को लंबी दूरी पैदल तय नहीं करनी पड़ेगी और वे समय पर विद्यालय पहुंच सकेंगे। इसके अलावा सल्ली सायली, बिरगुल, गोली, नौलापानी, बुडम और सुकनी क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं के लिए भी स्कूल वाहनों की व्यवस्था की गई है। इससे इन क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी शिक्षा के लिए आवागमन में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।