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नौकुचियाताल का कथित मजाक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को पड़ा भारी, वायरल वीडियो पर भड़के उत्तराखंड के लोग, पुलिस जांच शुरू

editor
  • Awaaz Desk
  • July 04, 2026 08:07 AM
 A so-called prank at Naukuchiatal has backfired on social media influencers; people in Uttarakhand are outraged over the viral video, and a police investigation has been launched.

देहरादून/नैनीताल। उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नौकुचियाताल को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। इंस्टाग्राम पर प्रसारित एक वीडियो में कुछ सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स द्वारा नौकुचियाताल के नाम को लेकर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का आरोप है। वीडियो के वायरल होने के बाद प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में लोगों ने नाराजगी जताई है और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है। मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब भाजपा के जिला मंत्री एवं व्यापारी नेता प्रकाश भट्ट ने पुलिस को लिखित शिकायत सौंपते हुए वीडियो में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन स्थलों का इस प्रकार मजाक उड़ाना अस्वीकार्य है और इससे प्रदेशवासियों की भावनाएं आहत हुई हैं। विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो से हुई, जिसमें कंटेंट क्रिएटर अजीतभ सिंह और उनके साथी कौशिक सचदेव बातचीत के दौरान उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नौकुचियाताल के नाम को लेकर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में मौजूद अन्य लोग भी इस टिप्पणी पर हंसते हुए नजर आते हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद उत्तराखंड के लोगों ने इसे प्रदेश के सम्मान और सांस्कृतिक पहचान से जोड़ते हुए कड़ी आपत्ति जताई। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने भी वीडियो की आलोचना करते हुए कहा कि मनोरंजन के नाम पर किसी क्षेत्र, संस्कृति या ऐतिहासिक पहचान का उपहास नहीं उड़ाया जाना चाहिए।

शिकायत में क्या उठाई गई मांग?
शिकायतकर्ता प्रकाश भट्ट ने पुलिस को दिए अपने प्रार्थना पत्र में कहा है कि वायरल वीडियो को तत्काल संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाया जाए। साथ ही वीडियो में शामिल सभी लोगों से उत्तराखंड की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मंगवाई जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि वीडियो बनाने और प्रसारित करने वाले लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट तथा पूरे घटनाक्रम की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। प्रकाश भट्ट का कहना है कि उत्तराखंड केवल एक पर्यटन राज्य ही नहीं, बल्कि धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण प्रदेश है। उनका आरोप है कि वायरल वीडियो के माध्यम से नौकुचियाताल सहित पूरे उत्तराखंड की संस्कृति, सम्मान और पहचान को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि इस घटना से स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों, होटल व्यवसायियों और पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों में काफी आक्रोश है। उनका मानना है कि सोशल मीडिया पर बड़ी पहुंच रखने वाले लोगों को अपनी अभिव्यक्ति में जिम्मेदारी का परिचय देना चाहिए।

कौन हैं अजीतभ सिंह?
अजीतभ सिंह सोशल मीडिया की दुनिया में एक लोकप्रिय कंटेंट क्रिएटर और डिजिटल इन्फ्लुएंसर माने जाते हैं। वह मुख्य रूप से कॉमेडी, मनोरंजन और वर्डप्ले आधारित वीडियो बनाने के लिए जाने जाते हैं। विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनकी बड़ी संख्या में फॉलोइंग है और उनके वीडियो युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय रहते हैं। उनके साथ वीडियो में दिखाई देने वाले कौशिक सचदेव भी सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण से जुड़े हैं। दोनों ने मिलकर कई मनोरंजक वीडियो तैयार किए हैं, जिन्हें लाखों लोगों ने देखा है।

स्थानीय लोगों में नाराजगी, पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो की सत्यता, उसके प्रसारण और उससे जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रावधानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस की ओर से किसी के खिलाफ कार्रवाई या मुकदमा दर्ज किए जाने संबंधी आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि उत्तराखंड के धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व वाले स्थानों का सम्मान किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए किसी क्षेत्र या उसकी सांस्कृतिक पहचान का मजाक उड़ाना उचित नहीं है। लोगों ने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी पर्यटन स्थल या सांस्कृतिक धरोहर के प्रति इस प्रकार की टिप्पणियों से बचा जा सके।


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