आखिर जिंदगी से हार गए हल्द्वानी के गोपालः सिस्टम की लापरवाही या गरीब होने की सजा! तो क्या नशे में ऐंबुलेंस चला रहा था चालक, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
इसे सिस्टम की लापरवाही कहें या फिर गरीब होने की सजा, जो भी हो इलाज के लिए दर-दर भटक रहे हल्द्वानी निवासी गोपाल शर्मा की कल मौत हो गयी। बीमारी से जूझ रहे गोपाल को दिल्ली से ऋषिकेश एम्स लाया जा रहा था तभी हाईवे पर उनकी ऐंबुलेंस का एक्सीडेंट हो गया। आज गोपाल का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
लेकिन उनकी मौत के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। उनकी पत्नी का आरोप है कि जिस ऐंबुलेंस से वो आ रहे थे उसके चालक ने रास्ते में कोल्डड्रिंक और नमकीन खरीदी थी, पीड़िता के अनुसार शायद कोल्डड्रिंक में शराब मिलाई गई थी जिसे पीने के बाद चालक ऐंबुलेंस से नियंत्रण खो चुका था और ओवरटेक करने के दौरान हादसा हो गया। अब यहां यह सवाल खड़ा होता है कि जिस ऐंबुलेंस के सायरन की आवाज सुनकर लोग रास्ता दे देते हैं उनके चालक ऐसी लापरवाही कैसे कर सकते हैं।
यहां पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लाजिमी हैं कि कैसे नशे में धुत्त होकर ऐंबुलेंस चालक मरीजों और तीमारदारों की जिंदगी से खिलवाड़ कर सकते हैं? कल जब हादसा हुआ जाहिर सी बात है पुलिस आई होगी। तो क्या पुलिस ने ऐंबुलेंस चालक का मेडिकल परीक्षण कराया होगा। अगर हां तो सारी स्थिति अपने आप क्लियर हो सकती है अगर नहीं तो ऐसा क्यों? सवाल कई खड़े होते हैं, लेकिन जवाब शायद किसी के पास नहीं। दुखद बात तो यह है कि दो बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया और एक महिला के पास रोने के अलावा और कुछ भी नहीं बचा।
बता दें कि पिछले दिनों गोपाल शर्मा के दो मासूम बच्चों ने पिता के इलाज के लिए चंदा एकत्र करने का एक मार्मिक वीडियो संदेश बनाया था जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। इस वीडियो संदेश के माध्यम से आवाज 24X7 ने बच्चों की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का भरसक प्रयास किया, जिसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित तमाम सामाजिक, धार्मिक व राजनीतिक संगठनों से जुड़ लोगों ने गोपाल की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाए थे। लेकिन एक ऐंबुलेंस चालक की लापरवाही से आज गोपाल हमारे बीच नहीं हैं।
