अल्मोड़ाः ल्वेटा गांव के विस्थापन का इंतजार! बारिश से बढ़ा खतरा, ग्रामीणों ने उठाई ये मांग
अल्मोड़ा। भैंसियाछाना के ल्वेटा गांव के ग्रामीण 15 सालों से विस्थापन की राह देख रहे हैं। गांव में भारी बारिश के दौरान भूस्खलन की स्थिति पैदा हो जाती है, जिससे लोगों की जान और माल दोनों पर खतरा बना रहता है। साल 2010 में आई आपदा में कई घर ध्वस्त हो गए थे और कई मकानों में दरारें आ गई थीं। 2013 की आपदा ने ग्रामीणों की परेशानियां और बढ़ा दीं। सितंबर 2024 में फिर से भारी बारिश ने कहर बरपाया, जिससे चार मकानों में बड़ी दरारें पड़ गईं। इसके चलते तीन परिवारों को अपने ही गांव में रिश्तेदारों के घरों में शरण लेनी पड़ी। बीते दो दिनों से अल्मोड़ा में भारी बारिश हो रही है, जिससे गांव में भूस्खलन का खतरा और बढ़ गया है। ग्रामीण विस्थापन और मुआवजा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।