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हरिद्वार में कल अमित शाह की जनसभा, विकास कार्यों और नई न्याय संहिताओं पर आधारित प्रदर्शनी का करेंगे अवलोकन

editor
  • Tapas Vishwas
  • March 06, 2026 10:03 AM
Amit Shah's public meeting in Haridwar tomorrow, will visit the exhibition based on development works and new judicial codes.

हरिद्वार। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 7 मार्च को हरिद्वार के बैरागी कैंप में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान वे राज्य सरकार की विकास योजनाओं तथा नई न्याय संहिताओं पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे और एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी,राज्य सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि तथा वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री अमित शाह मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में पिछले चार वर्षों में उत्तराखंड में किए गए विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित विशेष प्रदर्शनी का निरीक्षण करेंगे। इस प्रदर्शनी में राज्य सरकार द्वारा बुनियादी ढांचे के विकास, सड़कों और संपर्क मार्गों के सुदृढ़ीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, शिक्षा क्षेत्र में सुधार, निवेश प्रोत्साहन, पर्यटन विकास तथा धार्मिक-सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही सीमांत क्षेत्रों के विकास और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने के प्रयासों को भी विभिन्न मॉडलों, चित्रों और जानकारीपूर्ण पैनलों के माध्यम से दर्शाया जाएगा। इसी क्रम में बैरागी कैंप में 7 से 9 मार्च 2026 तक नई न्याय संहिताओं पर आधारित राज्यस्तरीय प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए आपराधिक कानूनों भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहितातथा भारतीय साक्षात् अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन और आमजन में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से की जा रही है। प्रदर्शनी में नई न्याय संहिताओं की प्रमुख विशेषताओं को सरल और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें समयबद्ध जांच और आरोप पत्र दाखिल करने की अनिवार्यता, शून्य प्राथमिकी और इलेक्ट्रॉनिक प्राथमिकी की व्यवस्था, सात वर्ष से अधिक सजा वाले अपराधों में अनिवार्य फॉरेंसिक जांच तथा इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल साक्ष्यों की वैधता जैसे प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों के लिए कड़े कानून, संगठित अपराध, साइबर अपराध और आतंकवाद से जुड़े स्पष्ट दंड प्रावधानों को भी प्रमुखता से दर्शाया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान नाट्य प्रस्तुतियों, डिजिटल प्रदर्शन, मॉडल प्रकरण अध्ययन और जनसंवाद सत्रों के माध्यम से त्वरित न्याय, वैज्ञानिक जांच और नागरिक सुविधाओं की अवधारणा को आम लोगों तक पहुंचाया जाएगा। राज्य सरकार के अनुसार यह आयोजन उत्तराखंड की विकास यात्रा, सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता और राज्य को प्रगतिशील एवं समृद्ध बनाने के प्रयासों को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर होगा।


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