अनुच्छेद 371 उत्तराखंड की अस्मिता बचाने के लिए बेहद ज़रूरी: उपपा
अनुच्छेद 371 उत्तराखंड की अस्मिता बचाने के लिए बेहद ज़रूरी: उपपा
अल्मोड़ा, 
उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने आज राज्य व्यापी नफ़रत नहीं रोजगार दो आंदोलन में शामिल होते हुए त्रिवेंद्र रावत द्वारा कृषि भूमि की असीमित खरीद के काले कानून को रद्द करने, सहकारी विभागों में करोड़ों के पैक्स घोटाले की जांच करने एवं उत्तराखंड की अस्मिता की रक्षा के लिए संविधान के अनुच्छेद 371 के तहत संरक्षण प्रदान करने की मांग की।
ज्ञातव्य है कि उत्तराखंड में बेरोजगारी जैसे मूल भूत सवालों को नफ़रत की राजनीति से भुलाने की नापाक कोशिश के खिलाफ़ प्रदेश भर के दर्जनों जन संगठनों ने आज अपने अपने क्षेत्र में धरना देकर राज्य के मूल भूत सवालों को भटकाने की कोशिश के खिलाफ़ एकजुट संघर्ष का आव्हान किया।
अल्मोड़ा में आयोजित इस राज्य व्यापी प्रदर्शन कर उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पी.सी.तिवारी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य अपनी स्थापना के 21 वर्षों बाद भी स्वास्थ्य, शिक्षा, रोज़गार, कृषि संकट बेरोज़गारी, महंगाई जैसे मूल सवालों से जूझ रहा है लेकिन देश की सरकारें चुनावी लाभ के लिए जनता को जाति, धर्म की राजनीति में उलझा कर निहित सत्ता स्वार्थों की पूर्ति में लगे हैं।
इस मौके पर उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के कार्यकर्ताओं ने राज्य में सशक्त भू कानून लागू करने की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि भाजपा की त्रिवेंद्र सरकार द्वारा बनाए गए कृषि भूमि की असीमित खरीद के काले कानून को तत्काल निरस्त करने, राज्य की बेनाप भूमि को ग्राम सभाओं को सौंपने और राज्य की अस्मिता को बचाने के लिए संविधान के अनुच्छेद 371 को लागू करने की मांग की।
उपपा नेताओं ने कहा कि उत्तराखंड में 758 कृषि ऋण सहकारी समितियों में लाखों अंशधारकों के करोड़ों रुपयों की लूट हुई है जिसकी जांच से सरकार कतरा रही है। उपपा ने इसकी तुरंत जांच घोषित करने की मांग की। इस प्रदर्शन में पार्टी के एड. नारायण राम, एड. जीवन चंद्र, सरिता मेहरा, हीरा देवी, राजू गिरी, गोपाल राम, भारती पांडे, दीपांशु पांडे, स्निग्धा तिवारी, हेमा कांडपाल, प्रेम एवं बड़ी संख्या में युवा शामिल रहे।