बिग ब्रेकिंगः लाल किले पर परिंदा भी पर नहीं मार सकेगा! स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले सुरक्षा का कड़ा घेरा, 1000 से अधिक AI कैमरे तैनात
नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह को सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए दिल्ली पुलिस ने लाल किले और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने की तैयारी पूरी कर ली है। राष्ट्रीय राजधानी में स्वतंत्रता दिवस समारोह के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। लाल किले पर इस बार मल्टी-लेवल आतंक विरोधी प्रतिक्रिया योजना लागू की गई है, जबकि समारोह स्थल और आसपास के इलाकों में एक हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था तैयार करते समय पिछले वर्ष राष्ट्रीय राजधानी में सामने आई घटनाओं को भी ध्यान में रखा गया है। इसी के चलते इस बार सुरक्षा इंतजामों को और अधिक सख्त किया गया है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि सुरक्षा के साथ-साथ समारोह में पहुंचने वाले आम लोगों को कम से कम असुविधा हो, इसका भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। लाल किला स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह का केंद्र है। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और देश को संबोधित करेंगे। समारोह की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने लाल किले के भीतर और आसपास कई स्तरों पर जांच और स्क्रीनिंग की व्यवस्था की है। पुलिस के अनुसार समारोह स्थल पर प्रवेश करने वाले लोगों की सुरक्षा जांच के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों पर भी लगातार नजर रखी जाएगी। किसी भी संदिग्ध गतिविधि को समय रहते पहचानने और संभावित खतरे से निपटने के लिए सुरक्षा बलों को अलग-अलग स्तरों पर तैनात किया गया है।
मल्टी-लेवल एंटी टेरर प्लान से त्वरित कार्रवाई की तैयारी
स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान किसी भी संभावित आतंकी खतरे या आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष मल्टी-लेवल एंटी टेरर रिस्पॉन्स प्लान तैयार किया गया है। इसके तहत अलग-अलग सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल और समन्वित कार्रवाई की जा सके। पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की ओर से पहले ही मॉक ड्रिल भी कराई जा चुकी हैं। इन अभ्यासों का उद्देश्य किसी संभावित आपात स्थिति के दौरान सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया क्षमता को परखना और कमियों को समय रहते दूर करना है। अग्रिम स्तर पर विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है। इससे किसी भी अप्रिय स्थिति में संबंधित एजेंसियां बिना समय गंवाए एक-दूसरे के साथ तालमेल बनाकर कार्रवाई कर सकेंगी।
एक हजार से ज्यादा AI कैमरों से हर गतिविधि पर नजर
इस बार लाल किले की सुरक्षा व्यवस्था में आधुनिक तकनीक का बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। लाल किले के अंदर और बाहर एक हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों को एआई आधारित वीडियो एनालिटिक्स सिस्टम से जोड़ा गया है। कैमरों से मिलने वाली लाइव फीड की निगरानी एक समर्पित कंट्रोल रूम से की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार कैमरों के जरिए गतिविधियों पर नजर रखेंगी। एआई आधारित तकनीक के इस्तेमाल से संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने और सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बड़ी संख्या में लोग लाल किले और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचते हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री के कार्यक्रम और वीवीआईपी मूवमेंट के कारण सुरक्षा की जिम्मेदारी भी बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे में पुलिस ने आयोजन स्थल के साथ आसपास के इलाकों में भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। सुरक्षा एजेंसियों का फोकस किसी भी संभावित खतरे को समारोह शुरू होने से पहले ही रोकने पर है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने, प्रवेश और निकास व्यवस्था की निगरानी करने तथा आपात स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया देने के लिए अलग-अलग स्तर पर सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
राष्ट्रपति मुर्मू का देश के नाम संबोधन
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशवासियों को संबोधित करते हुए सभी भारतीयों को स्वाधीनता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि अब से कुछ ही घंटों बाद भारत की स्वतंत्रता के 80वें वर्ष का शुभारंभ होने जा रहा है। यह अवसर देश के लिए गौरव, संकल्प और आत्ममंथन का भी है। राष्ट्रपति ने देशवासियों से स्वतंत्रता संग्राम के महान आदर्शों को याद करते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि देश और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले सभी भारतीय इस पावन अवसर को पूरे उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। स्वतंत्रता दिवस केवल राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान को याद करने का अवसर है, जिनके प्रयासों से देश को आजादी मिली। उन्होंने कहा कि आजादी की इस विरासत को मजबूत बनाना और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भारत का निर्माण करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि देश की निरंतर प्रगति और तरक्की में योगदान देना ही स्वतंत्रता की सच्ची सार्थकता है। भारत की ताकत केवल उसकी सरकारों और संस्थाओं में नहीं, बल्कि उसके नागरिकों की मेहनत, प्रतिभा, जिम्मेदारी और सामूहिक संकल्प में निहित है। देश का प्रत्येक नागरिक अपने स्तर पर ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ योगदान देकर भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।