बिग ब्रेकिंगः अमेरिका-ईरान टकराव के बीच ट्रंप का बड़ा ऐलान! होर्मुज को बताया ‘NEW U.S. Territory’, ईरान ने दी सख्त चेतावनी
नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर टकराव एक बार फिर गहरा गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक नक्शा साझा किया है, जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को “NEW U.S. Territory” यानी ‘नया अमेरिकी इलाका’ बताया गया है। ट्रंप का यह कदम ऐसे समय सामने आया है, जब दोनों देशों के बीच संघर्ष और कूटनीतिक गतिरोध के कारण इस रणनीतिक जलमार्ग को लेकर तनाव लगातार बढ़ रहा है। ट्रंप इससे पहले भी होर्मुज को अमेरिकी नियंत्रण में लेने की बात कह चुके हैं। 18 अगस्त को साझा किए गए नक्शे में जलडमरूमध्य को अमेरिकी क्षेत्र के तौर पर दर्शाया गया था। हालांकि, किसी सोशल मीडिया पोस्ट में किसी क्षेत्र को अमेरिकी इलाका बताना अपने आप में उसकी अंतरराष्ट्रीय या कानूनी स्थिति नहीं बदलता। होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ने वाला बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से इसका महत्व बेहद ज्यादा है। युद्ध से पहले दुनिया के समुद्री तेल और गैस कारोबार का करीब पांचवां हिस्सा इस रास्ते से गुजरता था। मौजूदा संघर्ष के कारण यहां व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। ट्रंप का नक्शा सामने आने के बाद ईरान की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। तेहरान पहले ही साफ कर चुका है कि अमेरिका के साथ किसी समझौते और अपने हितों से जुड़े मुद्दों पर ठोस कार्रवाई के बिना होर्मुज को सामान्य रूप से खोलने का सवाल नहीं उठता। ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रेज़ाई ने 11 अगस्त को कहा था कि जब तक अमेरिका अपना रवैया नहीं बदलता और ईरान की शर्तों को स्वीकार नहीं करता, तब तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज नहीं खोला जाएगा। ईरान की ओर से युद्ध समाप्त करने, अमेरिकी प्रतिबंधों और आर्थिक दबाव से जुड़े मुद्दों तथा विदेशों में जमा ईरानी संपत्तियों को लेकर भी मांगें रखी गई हैं। रेज़ाई के बयान से स्पष्ट है कि ईरान होर्मुज को केवल एक समुद्री मार्ग के रूप में नहीं देख रहा, बल्कि इसे अमेरिका के साथ चल रहे व्यापक संघर्ष में रणनीतिक दबाव के साधन के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है। तेहरान का कहना है कि जब तक अमेरिका अपने वादों और प्रतिबद्धताओं पर अमल नहीं करता, तब तक स्थिति में बदलाव आसान नहीं होगा। होर्मुज को लेकर बढ़ते तनाव के बीच ट्रंप ने यह भी कहा था कि ईरान के साथ फिलहाल कोई बातचीत नहीं हो रही है और न ही कोई बातचीत निर्धारित है। उन्होंने अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी जारी रहने की बात भी कही थी। हालांकि, इसी दौरान ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता और बातचीत की कोशिशें भी चर्चा में रही हैं। ऐसे में ट्रंप का ताजा रुख दोनों देशों के बीच कूटनीतिक समाधान की राह को और मुश्किल बना सकता है।