बड़ी खबरः भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश बने जस्टिस सूर्यकांत! राष्ट्रपति भवन में हुआ शपथ ग्रहण समारोह
नई दिल्ली। जस्टिस सूर्यकांत ने आज सोमवार को भारत के चीफ जस्टिस के रूप में शपथ ले ली है। राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई। बता दें कि हाल ही में बीआर गवई चीफ जस्टिस के पद से रिटायर हुए थे। उनकी जगह अब जस्टिस सूर्यकांत ने ली है। वह देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश बन गए हैं। आज राष्ट्रपति भवन में आयोजित जस्टिस सूर्यकांत के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और वाणिज्य मंत्री पियूष गोयल भी मौजूद थे। बता दें कि जस्टिस सूर्यकांत को 30 अक्टूबर 2025 को सीजेआई नियुक्त किया गया था और वो 9 फरवरी 2027 तक इस पद पर रहेंगे। जस्टिस सूर्यकांत का जन्म हरियाणा के हिसार जिले के पेटवार गांव में 10 फरवरी 1962 को एक शिक्षक परिवार में हुआ था। बचपन में वो शहरी चकाचौंध से बहुत दूर रहे। उन्होंने पहली बार किसी शहर को तब देखा जब वे कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा देने के लिए हिसार के हांसी कस्बे में गए थे। उनकी आठवीं तक की पढ़ाई गांव के स्कूल में ही हुई। उस स्कूल में बेंच तक नहीं थीं। उन्होंने 1981 में हिसार के गवर्नमेंट पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज से ग्रेजुएशन और 1984 में रोहतक के महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की। उसी साल उन्होंने वकालत की शुरूआत हिसार की जिला अदालत से की, लेकिन 1985 में वो पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने के लिए चंडीगढ़ आ गए। जुलाई 2000 में उन्हें एडवोकेट जनरल बना दिया गया। वो हरियाणा के सबसे युवा एडवोकेट जनरल थे। उन्हें मार्च 2001 में सीनियर एडवोकेट बनाया गया। इसके बाद जनवरी 2004 में उन्हें पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का स्थायी जज बनाया गया। उन्होंने पांच अक्टूबर 2018 को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ ली थी। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट से उन्हें 24 मई 2019 को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया गया।