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बड़ी खबरः अभिजीत दीपके की CJP को मनीष ब्रह्मभट्ट की नई चुनौती! लॉन्च हुई CJP-डेमोक्रेटिक, केजरीवाल पर ‘लोगों के इस्तेमाल’ का आरोप

editor
  • Awaaz Desk
  • September 03, 2026 09:09 AM
Big News: Manish Brahmbhatt’s new challenge to Abhijit Deepke’s CJP! ‘CJP-Democratic’ launched; Kejriwal accused of ‘using people’.

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और अभिजीत दीपके के सामने अब CJP-डेमोक्रेटिक के रूप में एक नया राजनीतिक मंच चुनौती के तौर पर सामने आया है। गुरुवार को राजधानी दिल्ली में CJP-डेमोक्रेटिक की औपचारिक शुरुआत की गई। संगठन के फाउंडर मनीष ब्रह्मभट्ट ने इस दौरान मौजूदा राजनीतिक गतिविधियों, संगठनात्मक फैसलों और जंतर-मंतर से जुड़े आंदोलन को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिजीत दीपके और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल के बीच ‘डील’ हुई है और इसी के तहत CJP की टीम में आम आदमी पार्टी से जुड़े लोगों को प्रमुखता दी गई है। मनीष ब्रह्मभट्ट ने दावा किया कि जिस आंदोलन को व्यापक जनभागीदारी और व्यवस्था में बदलाव के उद्देश्य से आगे बढ़ाया जाना चाहिए था, उसे कुछ लोगों द्वारा अपने राजनीतिक हितों के लिए प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन को भी हाईजैक करने का प्रयास किया जा रहा है। CJP-डेमोक्रेटिक के फाउंडर मनीष ब्रह्मभट्ट ने आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल का राजनीतिक ट्रैक रिकॉर्ड लोगों और विभिन्न वर्गों के मुद्दों का इस्तेमाल कर सत्ता की राजनीति को आगे बढ़ाने का रहा है। ब्रह्मभट्ट ने आरोप लगाया कि मुस्लिम समुदाय को अपने साथ जोड़ने के लिए मौलवियों को वेतन देने और गरीब वर्ग को मुफ्त सुविधाओं का लालच देने जैसी राजनीति की गई। उन्होंने कहा कि इसी तरह अब जंतर-मंतर के आंदोलन को भी राजनीतिक प्रभाव में लेने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि अभिजीत दीपके और अरविंद केजरीवाल के बीच कथित समझौते के चलते आम आदमी पार्टी से जुड़े लोगों को CJP की टीम में शामिल किया गया। ब्रह्मभट्ट ने यह भी सवाल उठाया कि CJP की नेशनल कोर टीम में एक भी छात्र को जगह नहीं दी गई है।

नए संगठन का दावा- पारदर्शिता और जवाबदेही होगी सबसे बड़ा आधार
CJP-डेमोक्रेटिक की शुरुआत के दौरान मनीष ब्रह्मभट्ट ने संगठन के उद्देश्यों को भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि नए मंच का मुख्य जोर पारदर्शिता, जवाबदेही और लोकतांत्रिक निर्णय प्रक्रिया पर रहेगा। उनके मुताबिक संगठन के महत्वपूर्ण फैसले किसी एक व्यक्ति के स्तर पर नहीं लिए जाएंगे, बल्कि सदस्यों की राय और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के आधार पर निर्णय किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जो लोग राजनीतिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही चाहते हैं तथा यह मानते हैं कि जवाबदेही केवल सरकार की ही नहीं, बल्कि राजनीतिक संगठनों और उनकी टीमों की भी होनी चाहिए, वे इस पहल का हिस्सा बन सकते हैं। ब्रह्मभट्ट ने कहा कि लोकतंत्र का मतलब केवल चुनाव के समय जनता से समर्थन मांगना नहीं है, बल्कि संगठन के भीतर भी लोकतांत्रिक व्यवस्था और निर्णय लेने की प्रक्रिया को मजबूत करना जरूरी है। नए मंच की शुरुआत की वजह बताते हुए मनीष ब्रह्मभट्ट ने कहा कि उन्होंने पहले भी संबंधित लोगों से आग्रह किया था कि आंदोलन को किसी व्यक्ति विशेष या राजनीतिक हित तक सीमित नहीं किया जाए। उनका कहना है कि यह देश से जुड़े मुद्दों का आंदोलन है और इसे किसी एक व्यक्ति की टीम के बजाय लोकतांत्रिक तरीके से राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य इस पहल को ‘केजरीवाल की टीम’ बनाना नहीं है। इसके बजाय वे ऐसी राष्ट्रीय टीम तैयार करना चाहते हैं, जिसमें आम लोगों, स्वयंसेवकों और विभिन्न वर्गों की भागीदारी हो तथा फैसले लोकतांत्रिक तरीके से लिए जाएं।

सोशल मीडिया और मिस्ड कॉल के जरिए जुड़ने की अपील
नए संगठन की शुरुआत के मौके पर ब्रह्मभट्ट ने नागरिकों और स्वयंसेवकों से CJP-डेमोक्रेटिक से जुड़ने की अपील भी की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, व्हाट्सऐप और मिस्ड कॉल सुविधा के माध्यम से संगठन का हिस्सा बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि देश में राजनीतिक व्यवस्था को लेकर लोग बदलाव चाहते हैं और पारदर्शिता तथा जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में काम करना चाहते हैं, तो उन्हें इस पहल से जुड़ना चाहिए। फिलहाल CJP-डेमोक्रेटिक के गठन के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर इसकी भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। संगठन की ओर से लगाए गए आरोपों के बीच यह देखना अहम होगा कि CJP और अभिजीत दीपके की ओर से इन दावों पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है और नया मंच आने वाले समय में अपनी राष्ट्रीय टीम तथा संगठनात्मक ढांचे को किस तरह आकार देता है।


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