बड़ी खबरः खुले गड्ढे में गिरकर युवक की मौत! सवालों में सरकार, नोएडा के बाद दिल्ली में भी जानलेवा लापरवाही
नई दिल्ली। यूपी के नोएडा के बाद अब राजधानी दिल्ली में एक युवक की गड्ढ़े में गिरने से मौत हो गई। इसे लोग प्रशासन की बड़ी लापरवाही बता रहे हैं। मामला दिल्ली के जनकपुरी का है, जहां दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खोदे गए गड्ढे में गिरकर कमल नाम के शख्स की जान चली गई। नोएडा के बाद अब दिल्ली में इस प्रकार की घटनाएं सवाल खड़े कर रही हैं कि सड़क सुरक्षा किसकी जिम्मेदारी है और कब तक ऐसी मौतें होती रहेंगी? आज सुबह दिल्ली के जनकपुरी इलाके में कमल नाम के युवक का शव सड़क के खुले गड्ढे से निकाला गया। रात में अंधेरे में कमल को गहरा गड्ढा नज़र नहीं आया। गड्ढा खुला छोड़ दिया गया था, कोई बैरीकेड नहीं था। हादसे के बाद सुबह पर्दे लगाए गए, यानी सुरक्षा इंतजाम बाद में किए गए, पहले नहीं थे।
जानकारी के अनुसार कमल रोहिणी के एचडीएफसी बैंक में नौकरी करता था। रोज 11 बजे तक शिफ्ट होती थी। घर वालों से आखिरी कॉल में बोला था कि जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर हूं, 10 मिनट में घर आ रहा हूं। परिजन रात भर उसकी तलाश में एक नहीं, बल्कि दर्जनभर थानों के चक्कर काटते रहे। आरोप है कि पुलिस ने कोई मदद नहीं की। सुबह करीब 7 बजे पुलिस ने फोन कर शव मिलने की सूचना दी। कमल के भाई ने बताया कि ये साफ लापरवाही है, मंगोलपुर, रोहिणी, जनकपुरी समेत 7-8 थानों के चक्कर लगाए। दिल्ली पुलिस ने काफी मान-मनुहार के बाद मोबाइल फोन ट्रेसिंग के बाद कहा कि ये जनकपुरी के 200 मीटर के एरिया में लोकेशन है, ढूंढ़ सको तो खोज लो। फिर सुबह 6.30 बजे पुलिस ने फोन कर कहा कि उनका भाई गड्ढे में गिर गया है। बता दें कि कुछ दिन पहले नोएडा सेक्टर 150 में युवराज नाम के युवक की मौत भी ठीक इसी तरह हुई थी। वहां एक प्राइवेट बिल्डर ने गड्ढा खोदा हुआ था। ना बैरीकेड, ना चेतावनी। युवक उसी में गिरकर मर गया। दरअसल 16 जनवरी की रात नोएडा के सेक्टर-150 में एक दर्दनाक हादसा हुआ था। सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार एक गहरे गड्ढे में गिर गई थी, जिससे उनकी मौत हो गई। एसआईटी की जांच और नोएडा प्राधिकरण की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ कि वह गड्ढा नियमों का उल्लंघन करके खोदा गया था। इस मामले में पुलिस ने बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार किया था। युवराज जिस गड्ढे में गिरा था, वहां पानी भरा हुआ था। उसने कॉल करके अपने पिता को बुलाया और पुलिस भी आई, लेकिन घने कोहरे और काफी दूरी की वजह से खोजने वाले लोग युवराज को देख ही नहीं पाए। इस गड्ढे में गिरकर डूबने से युवराज की जान चली गई।