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बिहार को मिलीं 5 नई स्पेशल यूनिवर्सिटी: सीएम सम्राट चौधरी कैबिनेट का बड़ा फैसला, उच्च शिक्षा में मचेगी धूम

editor
  • Tapas Vishwas
  • June 24, 2026 12:06 PM
Bihar gets 5 new special universities: Major decision by the cabinet led by CM Samrat Chaudhary; set to revolutionize higher education.

पटना। बिहार में उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और राज्य के युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही वैश्विक स्तर की पढ़ाई की सुविधा देने की दिशा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार ने आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के विभिन्न जिलों में 5 नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना और उनके संचालन को आधिकारिक मंजूरी दे दी गई। इस हाई-प्रोफाइल बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री और कैबिनेट के अन्य वरिष्ठ मंत्री भी विशेष रूप से मौजूद रहे।

कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि राज्य के छात्रों को अब उच्च और तकनीकी शिक्षा के लिए मजबूरन दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। सरकार ने कड़े मानकों और निर्धारित नियमों के तहत जिन पांच विश्वविद्यालयों को हरी झंडी दी है, वे इस प्रकार हैं। शांजा विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। एक नए अत्याधुनिक निजी विश्वविद्यालय को मंजूरी। अशोक नगर क्षेत्र में एस.ए. विश्वविद्यालय का संचालन होगा। हिमालय विश्वविद्यालय की स्थापना को हरी झंडी। जसोइया मोड़ पर सीतयोग विश्वविद्यालय के संचालन की अनुमति। कैबिनेट के इस फैसले से न केवल बिहार में शिक्षा का स्तर सुधरेगा, बल्कि संबंधित क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। सरकार ने साफ किया है कि सभी संबंधित उच्च शिक्षण संस्थानों को शिक्षा विभाग और यूजीसी द्वारा तय किए गए कड़े नियमों और मानकों के तहत ही अपनी शैक्षणिक गतिविधियों को संचालित करने की अनुमति प्रदान की गई है। बुनियादी ढांचे और फैकल्टी की गुणवत्ता पर सरकार की पैनी नजर रहेगी। बिहार सरकार के इस बड़े फैसले के बाद से खासकर सुदूर ग्रामीण और कस्बाई इलाकों के छात्रों और अभिभावकों में भारी उत्साह है। नवादा, सिवान और औरंगाबाद जैसे जिलों में यूनिवर्सिटी खुलने से स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा का बड़ा हब तैयार होगा, जिससे बेटियों की उच्च शिक्षा की राह और भी आसान हो जाएगी। इस फैसले को बिहार के शैक्षणिक कायाकल्प की दिशा में एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।
 


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