बिहारः वोटर लिस्ट को लेकर जबरदस्त हंगामा! चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में दायर किया हलफनामा
पटना। बिहार में मानसून सत्र सोमवार 21 जुलाई से शुरू हो गया है। इस दौरान वोटर लिस्ट को लेकर विधानसभा में संग्राम चल रहा है। इस बीच चुनाव आयोग ने हलफनामा देकर विपक्ष के आरोपों का खंडन किया है। साथ ही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के खिलाफ दायर याचिका को रद्द करने की मांग करते हुए कहा है कि विशेष गहन मतदाता सूची सुधार प्रक्रिया को लेकर जानबूझकर गलत अफवाहें फैलाई जा रही हैं। आयोग ने कहा है कि इस प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाएं वक्त से पहले दायर की गई हैं और फिलहाल इन पर विचार करने की जरूरत नहीं है। आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को दिए हलफनामे में कहा है कि कुछ राजनीतिक दलों ने ये बात छिपा दी कि खुद उनकी पार्टी इस प्रक्रिया में हिस्सा ले रही हैं और बीएलओ के जरिए सहयोग कर रही है। इस हलफनामे में चुनाव आयोग ने आधार कार्ड को लेकर स्थिति साफ की है। आयोग ने कहा है कि आधार कार्ड उन 11 दस्तावेजों में शामिल नहीं है जो वोटर लिस्ट में शामिल होने के लिए जरूरी हैं। हालांकि दूसरे दस्तावेजों के साथ इसे सपोर्ट के तौर में शामिल किया जा सकता है। साथ ही आयोग ने कहा कि नब्बे फीसदी से ज्यादा ने फार्म जमा करवा दिये हैं और 18 जुलाई तक केवल पांच फीसदी ही ऐसे थे जिन्होंनें फार्म जमा नहीं करवाए।