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बिहारः नालंदा में डिग्री कॉलेज के स्थान को लेकर छिड़ी बहस हुई और गहरी, प्रखंड मुख्यालय और लोदीपुर के पक्षधर आमने-सामने, क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था पर बढ़ी चर्चा

editor
  • Awaaz Desk
  • June 19, 2026 05:06 AM
Bihar: The debate over the location of a degree college in Nalanda has intensified; proponents of the block headquarters and Lodipur are at odds, sparking increased discussion regarding the region's education system.

नालंदा। बिहार के नालंदा जिले में नगरनौसा डिग्री कॉलेज के संचालन स्थल को लेकर पिछले कई सप्ताह से चल रहा विवाद गुरुवार को हिंसक झड़प में बदल गया। कॉलेज को प्रखंड मुख्यालय में संचालित करने की मांग को लेकर आयोजित प्रदर्शन के दौरान छात्रों, स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच टकराव हो गया। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई और दोनों पक्षों के बीच पथराव शुरू हो गया। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है, जबकि प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। जानकारी के अनुसार, भारत की छात्र फेडरेशन की राज्य अध्यक्ष कांति कुमारी के आह्वान पर नगरनौसा में सड़क जाम और विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड पर था और क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए थे। प्रदर्शन के दौरान जब पुलिस ने एहतियातन कुछ प्रमुख प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने का प्रयास किया तो भीड़ उग्र हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पुलिस द्वारा कुछ लोगों को हिरासत में लिए जाने के बाद प्रदर्शनकारी भड़क उठे और उन्होंने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और प्रदर्शनकारियों की ओर से पथराव शुरू हो गया। जवाब में पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोग इधर-उधर भागने लगे और कुछ देर के लिए पूरा इलाका रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। घटना के वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव साफ दिखाई दे रहा है।

सात लोगों को लिया गया हिरासत में
पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सात लोगों को हिरासत में लिया है। अधिकारियों का कहना है कि पथराव और उपद्रव में शामिल अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है। वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।

क्या है कॉलेज संचालन स्थल का विवाद?
नगरनौसा डिग्री कॉलेज के संचालन स्थल को लेकर लंबे समय से क्षेत्र में मतभेद बना हुआ है। एक पक्ष का कहना है कि कॉलेज का संचालन प्रखंड मुख्यालय में होना चाहिए ताकि नगरनौसा और आसपास के अधिक से अधिक छात्रों को आवागमन में सुविधा मिल सके। प्रदर्शनकारी इसी मांग को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। दूसरी ओर लोदीपुर के स्थानीय निवासी, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कॉलेज को लोदीपुर में ही संचालित किए जाने के पक्ष में हैं। उनका तर्क है कि लोदीपुर स्थित मगध विद्यापीठ उच्च विद्यालय के समीप 4 एकड़ 63 डिसमिल भूमि उपलब्ध है और वहां कॉलेज संचालन के लिए लगभग 20 पक्के कमरे भी मौजूद हैं। ऐसे में पहले से उपलब्ध आधारभूत ढांचे को छोड़कर कॉलेज को दूसरे स्थान पर ले जाना तर्कसंगत नहीं होगा। बता दें कि नगरनौसा क्षेत्र में डिग्री कॉलेज की मांग वर्षों पुरानी रही है। हाल ही में 11 मई को पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के अंतर्गत कॉलेज ऑफ कॉमर्स, आर्ट्स एंड साइंस, पटना के राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. संजय कुमार ने कॉलेज के प्रथम प्राचार्य के रूप में पदभार ग्रहण किया था। इसके बाद कॉलेज की शैक्षणिक गतिविधियां लोदीपुर परिसर से शुरू कर दी गईं। इसी फैसले का विरोध करते हुए 20 मई को स्थानीय युवाओं ने पहली बार चक्का जाम किया था। अगले ही दिन यानी 21 मई से प्रखंड कार्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया गया। इसके बाद 30 मई को भी बस स्टैंड के समीप सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया गया था। गुरुवार को हुई हिंसक झड़प को इसी आंदोलन की सबसे गंभीर कड़ी माना जा रहा है, जिसने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।


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