• Home
  • News
  • BJP leader Ramesh Bidhuri makes a controversial statement regarding the students' protest against the NEET paper leak! A political uproar has erupted over his remark calling the protesters at Jantar Mantar "puncture and key repairmen."

नीट पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के आंदोलन पर भाजपा नेता रमेश बिधूड़ी का विवादित बयान! जंतर-मंतर प्रदर्शनकारियों को लेकर ‘पंचर और चाबी बनाने वाले’ वाली टिप्पणी से मचा सियासी बवाल

editor
  • Awaaz Desk
  • August 02, 2026 02:08 PM
BJP leader Ramesh Bidhuri makes a controversial statement regarding the students' protest against the NEET paper leak! A political uproar has erupted over his remark calling the protesters at Jantar Mantar "puncture and key repairmen."

नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर हुए छात्रों के प्रदर्शन को लेकर भाजपा नेता और पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी के बयान से सियासी विवाद खड़ा हो गया है। बिधूड़ी ने प्रदर्शन में शामिल लोगों पर टिप्पणी करते हुए दावा किया कि जंतर-मंतर पर छात्रों की संख्या कम थी, जबकि ‘पंचर लगाने वाले और चाबी बनाने वाले’ अधिक थे। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है और विपक्षी दलों की ओर से प्रतिक्रिया आने की संभावना है। रमेश बिधूड़ी ने प्रदर्शन को लेकर कहा कि जंतर-मंतर पर मौजूद लोगों में पंचर लगाने वाले और ताला-चाबी बनाने वाले अधिक दिखाई दे रहे थे। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि ‘आपको पता ही है कि पंचर और चाबी बनाने वाले कौन हैं।’ इसके बाद उन्होंने प्रदर्शनकारियों की पहचान को लेकर भी टिप्पणी की। बिधूड़ी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने वाले लोग किसी भी तरह से देश के छात्रों का प्रतिनिधित्व नहीं करते। भाजपा नेता ने यह भी कहा कि भारत की कोई बेटी या बेटा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस तरह की भाषा में संबोधित नहीं कर सकता। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों का जिक्र करते हुए कहा कि इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल करने वाले लोगों की मानसिकता पर सवाल उठना चाहिए। उनके बयान के बाद एक बार फिर छात्रों के आंदोलन और राजनीतिक बयानबाजी को लेकर बहस तेज हो गई है। यह विवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर दिए गए संदेश के बाद और गहरा गया। प्रधानमंत्री ने शुक्रवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर लाइव आकर प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि जंतर-मंतर पर जो कुछ हुआ, उसे देश और दुनिया ने देखा है।

प्रधानमंत्री ने प्रदर्शन के दौरान उन्हें और उनकी दिवंगत मां को कथित तौर पर गालियां दिए जाने का भी जिक्र किया। साथ ही उन्होंने प्रदर्शन में शामिल युवाओं को ‘शरारती बच्चे’ बताते हुए उन्हें माफ करने की बात कही थी। प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद भाजपा नेताओं की ओर से भी प्रदर्शन और प्रदर्शनकारियों को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में रमेश बिधूड़ी का बयान अब चर्चा का विषय बन गया है। गौरतलब है कि नीट पेपर लीक के मुद्दे को लेकर विपक्ष और विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग लगातार की जा रही थी। छात्रों के आंदोलन के दौरान 20 जुलाई को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की ओर से निकाले गए ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की खबर सामने आई थी। इस घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इसके बाद दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में छात्रों और युवाओं के विरोध प्रदर्शन जारी रहे। विवाद बढ़ने के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बाद में अपने पद से इस्तीफा दे दिया। वहीं, छात्रों के गुस्से को शांत करने और परीक्षा व्यवस्था में सुधार का भरोसा दिलाने के लिए सरकार की ओर से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के 47 कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई थी। अब रमेश बिधूड़ी के बयान ने नीट पेपर लीक और छात्र आंदोलन से जुड़े विवाद को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। 


संबंधित आलेख: