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बड़ी खबरः दिल्ली दंगों के दौरान IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या मामले में कोर्ट ने सुनाई सजा! ताहिर हुसैन समेत पांच दोषियों को आजीवन कारावास

editor
  • Awaaz Desk
  • July 31, 2026 12:07 PM
Breaking News: Court announces sentence in the murder case of IB officer Ankit Sharma during the Delhi riots! Five convicts, including Tahir Hussain, sentenced to life imprisonment.

नई दिल्ली। वर्ष 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने पूर्व आम आदमी पार्टी पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। ताहिर हुसैन के अलावा नजीर, आसिम, जावेद और अनास को भी अदालत ने आजीवन कारावास की सजा दी है। मामले में अदालत ने दोषियों को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह की अदालत ने ताहिर हुसैन को आईपीसी की धारा 188, 153ए, 147, 148, 149, 365 और 302 के तहत दोषी ठहराया। हालांकि, उन्हें आईपीसी की धारा 120बी और 129 के तहत आरोपों से बरी कर दिया गया था। मामले में पांच दोषियों को छोड़कर अन्य तीन आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। वहीं ताहिर हुसैन की जमानत याचिका पिछले वर्ष सितंबर में दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा खारिज कर दी गई थी। यह मामला दयालपुर पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। अंकित शर्मा के पिता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। शिकायत के मुताबिक, अंकित शर्मा 24 फरवरी 2020 को शाम करीब पांच बजे घर से किराने का सामान और घरेलू उपयोग की चीजें खरीदने के लिए निकले थे, लेकिन कई घंटे बीतने के बाद भी वह वापस नहीं लौटे। इसके बाद परिजनों ने उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। बाद में अंकित शर्मा का शव चांदबाग पुलिया के पास एक नाले से बरामद हुआ था। शव को जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर धारदार हथियारों और कुंद वस्तुओं से चोट के 51 निशान पाए गए थे। शिकायत में अंकित के पिता ने ताहिर हुसैन और उसके साथियों पर हत्या का आरोप लगाया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, वर्ष 2020 में नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन और विरोध को लेकर उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा भड़क गई थी। 24 फरवरी को शुरू हुई सांप्रदायिक हिंसा में 53 लोगों की मौत हुई थी, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे। इसी हिंसा के दौरान अंकित शर्मा की हत्या का मामला सामने आया था। मामले की सुनवाई के दौरान मार्च 2023 में ट्रायल कोर्ट ने ताहिर हुसैन समेत कई आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे। नाजिम पर शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत भी आरोप लगाए गए थे। अब अदालत के फैसले के बाद पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। ताहिर हुसैन वर्ष 2017 में आम आदमी पार्टी के टिकट पर दिल्ली नगर निगम का चुनाव जीतकर पार्षद बना था। वर्ष 2020 के दिल्ली दंगों में नाम सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी ने उसे पार्टी से निष्कासित कर दिया था। अब अंकित शर्मा हत्याकांड में अदालत द्वारा उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में है।


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