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बेंगलुरु के डे-केयर सेंटर में मासूमों के साथ कथित क्रूरता का मामला! बच्चों को वॉशिंग मशीन में बंद करने और प्रताड़ित करने के आरोप, पांच महिला कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज

editor
  • Awaaz Desk
  • July 01, 2026 01:07 PM
Case of alleged cruelty against young children at a Bengaluru day-care center! Allegations include locking children in a washing machine and subjecting them to abuse; an FIR has been registered against five female staff members.

बेंगलुरु। देश की आईटी राजधानी बेंगलुरु से बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शहर के ब्रुकफील्ड क्षेत्र स्थित एक डे-केयर सेंटर, जो आईटी कंपनी कैपजेमिनी ;ब्ंचहमउपदपद्ध के कर्मचारियों के बच्चों की देखभाल के लिए संचालित किया जाता है, वहां छोटे बच्चों के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला उजागर हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के आधार पर पुलिस ने पांच महिला केयरगिवर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, यह मामला 29 जून को तब सामने आया जब डे-केयर सेंटर के अंदर के कुछ वीडियो व्हाट्सएप पर वायरल हुए। वीडियो सामने आने के बाद चाइल्ड हेल्पलाइन को शिकायत मिली, जिसके आधार पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जांच शुरू कर दी। शुरुआती जांच में सामने आया कि बच्चों के रोने, शोर मचाने या बात नहीं मानने पर उनके साथ कथित रूप से अमानवीय व्यवहार किया जाता था। पुलिस के अनुसार, वायरल वीडियो में छोटे-छोटे बच्चे रोते और घबराए हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि कुछ महिला कर्मचारी उन्हें डराती-धमकाती नजर आ रही हैं।

आरोप है कि कुछ बच्चों को फ्रंट-लोडिंग वॉशिंग मशीन के अंदर बंद कर दिया जाता था। इतना ही नहीं, बच्चों को वेस्टर्न स्टाइल टॉयलेट सीट पर बैठाकर टॉयलेट के जेट स्प्रे से उनके मुंह में पानी डाला जाता था। आरोप यह भी है कि उन्हें बाथरूम में बंद कर डराया जाता था ताकि वे चुप रहें। इन गंभीर आरोपों के बाद पुलिस ने पांच महिला कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। सभी आरोपितों से पूछताछ की जा रही है और वायरल वीडियो की सत्यता की फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ये घटनाएं कब की हैं और क्या डे-केयर में आने वाले अन्य बच्चों के साथ भी इसी तरह का व्यवहार किया गया था। फिलहाल इस मामले में किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों, वीडियो फुटेज, कर्मचारियों के बयान और अन्य तकनीकी तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर बच्चों की देखभाल करने वाले संस्थानों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। कामकाजी माता-पिता अपने बच्चों को सुरक्षित माहौल की उम्मीद के साथ डे-केयर सेंटर में छोड़ते हैं, लेकिन इस तरह के आरोप सामने आने से अभिभावकों में चिंता और आक्रोश दोनों बढ़ गए हैं। पुलिस का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, बाल अधिकारों से जुड़े संगठनों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।


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