युवक की मौत का मामला! रुड़की में गुस्साए ग्रामीणों ने घेरी कोतवाली, भीड़ देख आसपास के थानों से बुलाई गई अतिरिक्त फोर्स
रुड़की। रुड़की में बदमाशों द्वारा चाकुओं से किए गए हमले में घायल एक युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने कोतवाली का घेराव किया और पुलिस पर हत्या के आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया। ग्रामीणों की भीड़ को बढ़ता देख आसपास के थानों की पुलिस भी गंगनहर कोतवाली में बुलानी पड़ी। ग्रामीणों का आरोप है कि दो माह से इस मामले में कोई कार्रवाई पुलिस की तरफ से नहीं की गई।
जानकारी के मुताबिक रुड़की गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के माधोपुर गांव का रहने वाला 19 वर्षीय अंकित कुमार गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के सुनहरा गांव में श्रेया पैथोलॉजी लेब पर काम करता था। बीती 4 अगस्त की देर शाम अंकित छुट्टी के बाद अपने गांव माधोपुर जा रहा था जैसे ही वह गांव के पास बने अंडरपास पर पहुंचा तो पहले से घात लगाए बैठे करीब आधा दर्जन बदमाशों ने उसे रोक लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद बदमाशों ने उसके ऊपर चाकू से हमला कर दिया। इसी दौरान गांव का ही पंकित कुमार नामक एक युवक जो फाइनेंस का काम करता है वह अपने घर वापस लौट रहा था। उसने देखा कि अंकित के साथ कुछ लोग मारपीट कर रहे हैं। पंकित जैसे ही बीच बचाव करने के लिए बीच में घुसा तो बदमाशों ने उसके ऊपर भी चाकू से हमला कर दिया और मौके से फरार हो गए। इसके बाद घायल अवस्था में उन्होंने अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी।
घटना की जानकारी मिलते ही उनके परिजन और ग्रामीण आनन-फानन में मौके पर पहुंचे और दोनों घायलों को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद घटना की जानकारी पुलिस को दी गई थी, मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुंच गई थी और घटना के बारे में जानकारी जुटाई गई थी। इसके बाद दोनों घायलों को रूड़की के सिविल अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया था जहां से पंकित की हालत को गंभीर मानते हुए अस्पताल के चिकित्सकों ने हायर सेंटर ऋषिकेश के एम्स हॉस्पिटल के लिए रेफर किया गया था। पंकित का उपचार उसी समय से एम्स हॉस्पिटल में चल रहा था, जहां पर बीती रविवार की रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं जब उसकी मौत की खबर गांव में पहुंची तो सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने कोतवाली का घेराव कर दिया और धरना देकर कोतवाली में बैठ गए। वहीं ग्रामीणों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए आसपास के थानों की पुलिस भी गंगनहर कोतवाली में बुलानी पड़ी। ग्रामीणों ने दो माह से इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं करने का आरोप भी पुलिस पर लगाया है। हालांकि फिलहाल पुलिस धरनास्थल पर बैठे गुस्साए ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रही है।