सीवान के मैरवा में सेंट्रल जीएसटी की 'सर्जिकल स्ट्राइक': वीआईपी मॉल में 30 घंटे से नॉन-स्टॉप जांच जारी, कर चोरी की आशंका
सीवान।बिहार के सीवान जिले से इस वक्त व्यापारिक और राजनीतिक गलियारों को हिला देने वाली एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जिले के मैरवा नगर स्थित प्रसिद्ध और वीआईपी मॉल में सेंट्रल जीएसटी की टीम ने धावा बोल दिया है। अधिकारियों का यह विशेष दल पिछले करीब 30 घंटे से भी अधिक समय से मॉल के भीतर डेरा डाले हुए है। शुक्रवार को शुरू हुई यह कार्रवाई शनिवार को भी लगातार जारी रही, जिसके तहत मॉल की खरीद-बिक्री, स्टॉक, टैक्स इनवॉइस और अन्य महत्वपूर्ण व्यावसायिक अभिलेखों की अत्यंत गहनता से जांच की जा रही है। इस बड़ी और लंबी कार्रवाई के बाद से मैरवा के मुख्य बाजार क्षेत्र के व्यापारियों में हड़कंप और घबराहट का माहौल है।
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वीआईपी मॉल के मुख्य संचालक अरुण गुप्ता हैं, जिन्हें राष्ट्रीय जनता दल से जुड़ा हुआ एक रसूखदार नेता माना जाता है। राजनीतिक कनेक्शन होने के कारण इस छापेमारी को लेकर पूरे जिले में तरह-तरह की सियासी चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। जीएसटी विभाग के आला अधिकारियों ने मॉल के सभी बिलिंग काउंटरों, कैश बॉक्स और मुख्य गोदामों (गोडाउन) को अपनी निगरानी में ले लिया है। पिछले कई वर्षों के वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड, कंप्यूटर हार्ड डिस्क, डेटा बैंक और सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जा रहा है। मॉल के भीतर किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है और सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए भारी संख्या में स्थानीय पुलिस बल की तैनाती की गई है। मैरवा के सबसे व्यस्ततम और मुख्य बाजार क्षेत्र में स्थित वीआईपी मॉल में रेडीमेड कपड़े, फुटवियर, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य घरेलू सामानों की बड़े पैमाने पर थोक और खुदरा बिक्री होती है। इस अचानक हुई कार्रवाई पर सेंट्रल जीएसटी के अधिकारियों ने फिलहाल मीडिया से दूरी बना रखी है और विस्तृत जानकारी साझा करने से इनकार किया है। अधिकारियों का केवल इतना कहना है कि यह एक अत्यंत विस्तृत प्रक्रिया है। सभी दस्तावेजों, इनवॉइस और वास्तविक स्टॉक का भौतिक मिलान पूरा होने के बाद ही कोई आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा। यदि जांच में किसी भी स्तर पर कर चोरी या वित्तीय अनियमितता पाई जाती है, तो नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, मॉल संचालक अरुण गुप्ता के समर्थकों और परिवार के सदस्यों का कहना है कि वे इस जांच से घबराए नहीं हैं। उनका दावा है कि मॉल के सभी व्यावसायिक रिकॉर्ड पूरी तरह पारदर्शी और वैध हैं और अधिकारियों को जांच में पूरा सहयोग दिया जा रहा है। बहरहाल, जीएसटी विभाग के सूत्रों की मानें तो यह कार्रवाई विभाग को मिले किसी पुख्ता खुफिया इनपुट या बड़े पैमाने पर टैक्स विसंगति के आधार पर की गई है। इस बड़ी रेड के बाद से मैरवा बाजार के कई दुकानदार अपनी दुकानों के शटर गिराकर कार्रवाई की पल-पल की जानकारी जुटाने में लगे हैं। अब हर किसी की नजरें जीएसटी विभाग की अंतिम प्रोग्रेस रिपोर्ट पर टिकी हैं।