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चैत्र नवरात्रिः मां दुर्गा के घोड़े की सवारी में आना और भैंसे की सवारी में विदा होना! तो क्या आमजनमानस के लिए नहीं हैं शुभ संकेत, लिंक में पढ़ें क्या कहते हैं उत्तराखंड ज्योतिष रत्न आचार्य डॉ. घिल्डियाल

editor
  • Awaaz Desk
  • March 31, 2022 06:03 AM
Chaitra Navratri: Coming on the horse ride of Maa Durga and departing on the buffalo ride! So what are not good signs for the general public, read in the link what Uttarakhand Jyotish Ratna Acharya Dr. Ghildiyal says

2 अप्रैल से चैत्र नवरात्रि के साथ हिंदू नव वर्ष की शुरुआत नव संवत्सर के साथ हो जाएगी। इस बार चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा घोड़े पर सवार होकर आ रही हैं और भैंसे पर प्रस्‍थान करेंगी. देश-दुनिया के लिहाज से इन दोनों ही सवारियों को अच्‍छा नहीं माना गया है। इस संदर्भ में उत्तराखंड ज्योतिष रत्न आचार्य डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल का कहना है कि इस साल की नवरात्रि पूरे 9 दिन की हैं और एक भी तिथि का क्षय नहीं हो रहा है। इस तरह पूरे 9 दिन के व्रत रखे जाएंगे और मां की पूजा-उपासना की जाएगी। नवरात्रि में तिथि का क्षय न होना शुभ माना जाता है, इसके अलावा इन नवरात्रि के दौरान 2 बड़े परिवर्तन भी हो रहे हैं, जो कि बहुत शुभ हैं. हालांकि मां दुर्गा की सवारी अनहोनी की ओर इशारा कर रही है। इसलिए स्वयं एवं राष्ट्र विश्व की रक्षा और शांति के लिए सभी लोगों को तन मन धन समर्पण से मां दुर्गा की उपासना करनी चाहिए। 
आचार्य चंडी प्रसाद घिल्डियाल बताते हैं कि चैत्र नवरात्रि में 2 अहम ग्रह राशि बदलने जा रहे हैं। इन 9 दिनों के दौरान मंगल और बुध ग्रह राशि बदलेंगे। वहीं शनि देव मकर राशि में, रहकर पराक्रम में वृद्धि करेंगे। इसके अलावा नवरात्रि के दौरान रवि पुष्य नक्षत्र के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग बन रहे हैं। शनिवार से नवरात्रि का प्रारंभ होना और शनि देव का अपनी ही राशि मकर में मंगल के साथ रहना शुभ फल देगा। कुल मिलाकर इस दौरान माता की पूजा-उपासना करना कामों में सफलता दिलाएगा. मनोकामनाएं पूरी करेगी। 
गौरतलब है कि चैत्र के महीने में इस नवरात्रि के पड़ने के कारण इसे चैत्र नवरात्रि कहा जाता है। इस दौरान विधि-विधान से मां दुर्गा के अलग-अलग नौ रूपों की पूजा की जाती है, चैत्रनवरात्रि के नौ दिनों का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। नवरात्रि के नौ दिनों में प्रत्येक दिन मां दुर्गा के अलग-अलग नौ रूपों की पूजा की जाती है। इस दौरान विधि-विधान से मां दुर्गा के अलग-अलग नौ रूपों की नौ दिनों में पूजा की जाती है, नवरात्रि में बहुत लोग व्रत-उपवास भी रखते हैं। अपनी इच्छा और सामर्थ्य के अनुसार भक्त नौ दिनों का फलाहार या एक समय सेंधा नमक वाला भोजन खा कर देवी दुर्गा की अराधना करते हैं। इस बार चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 2 अप्रैल से हो रही है और और 11 अप्रैल 2022, दिन सोमवार को नवरात्रि का समापन होगा। 


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