सीएम धामी का बड़ा ऐलान:युवाओं के हक पर डाका डालने वाले जाएंगे जेल, देवभूमि में नहीं चलेगी तुष्टीकरण की राजनीति
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भ्रष्टाचार और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ एक बार फिर बेहद कड़ा और स्पष्ट रुख अख्तियार किया है। मुख्यमंत्री ने एक सार्वजनिक मंच से बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि राज्य के युवाओं के अधिकारों और उनके हक पर डाका डालने वाले अपराधियों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाने का सरकारी अभियान पूरी ताकत से जारी रहेगा और इसे किसी भी कीमत पर रोका नहीं जाएगा। उन्होंने साफ किया कि उनकी सरकार युवाओं के हितों की रक्षा और पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार पूरी निष्ठा के साथ विकास और राष्ट्रवाद की भावना को आगे बढ़ाते हुए कार्य कर रही है, जबकि दूसरी ओर विपक्ष केवल नकारात्मकता, तुष्टीकरण और भ्रष्टाचार की राजनीति में डूबा हुआ है। कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने तीखा हमला बोला और कहा कि आज मुख्य विपक्षी दल के पास न तो राज्य के विकास के लिए कोई नीति है, न ही जनता के प्रति साफ नियत है और न ही उनके पास कोई दिशा तय करने वाला नेतृत्व बचा है। मुख्यमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि अब समय आ गया है जब कार्यकर्ताओं को सीधे जनता के बीच जाना होगा। उन्हें लोगों को यह याद दिलाना होगा कि कैसे कांग्रेस के शासनकाल में उत्तराखंड को भ्रष्टाचार, बड़े घोटालों और तुष्टीकरण का केंद्र बना दिया गया था, जबकि इसके विपरीत भाजपा की वर्तमान सरकार केवल विकास और जनकल्याण के कार्यों को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उत्तराखंड की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान को अक्षुण्ण रखने का जिक्र करते हुए सीएम धामी ने कहा कि देवभूमि के मूल स्वरूप को संरक्षित और सुरक्षित करना उनकी सरकार का मुख्य ध्येय है। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) जैसे ऐतिहासिक कानून को लागू किया गया है। इसके साथ ही, जबरन धर्मांतरण को रोकने के लिए सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून और उपद्रवियों से निपटने के लिए कड़ा दंगा विरोधी कानून जैसे कड़े और अभूतपूर्व कदम उठाए गए हैं, जिससे राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत हुई है। सीएम धामी ने कहा युवाओं का भविष्य हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। हमारी सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ देश का सबसे सख्त कानून बनाया है। पारदर्शी व्यवस्था से युवाओं को उनका हक मिलकर रहेगा। मुख्यमंत्री के इस आक्रामक और विकासवादी रुख से आगामी राजनीतिक सरगर्मियां तेज होना तय माना जा रहा है। कार्यक्रम में सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों के साथ भारी संख्या में स्थानीय लोग और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।