भरत तिवारी एनकाउंटर पर सीएम सम्राट चौधरी ने तोड़ी चुप्पी: बोले-दोषी कोई भी हो,कार्रवाई तय,न्याय के लिए बनाया न्यायिक आयोग
पटना। भोजपुर जिले के शाहपुर में बीते 17 जून को हुए बहुचर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ दी है। इस संवेदनशील एनकाउंटर मामले पर आज (25 जून को) मुख्यमंत्री की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। राजधानी पटना के ज्ञान भवन में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में खुले मंच से बोलते हुए मुख्यमंत्री ने साफ और कड़े शब्दों में कहा कि राज्य में कानून का राज है। जब भी ऐसी कोई समस्या या घटना आती है, तो सरकार तुरंत चिंतित होकर कड़े कदम उठाती है। भोजपुर की घटना सामने आते ही सरकार ने बिना वक्त गंवाए सबसे पहले 'जुडिशल कमीशन' (न्यायिक आयोग) का गठन किया है, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा,हमारी सरकार का मुख्य ध्येय यह सुनिश्चित करना है कि हर नागरिक को निष्पक्ष न्याय मिले। अगर किसी ने भी गलत किया है या अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई होगी। बिहार सरकार 'सबका साथ, सबका विकास' के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है, और न्याय व्यवस्था में कोई भेदभाव नहीं हो सकता। उल्लेखनीय है कि इस बयान से ठीक एक दिन पहले मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में इस एनकाउंटर की न्यायिक जांच कराने के प्रस्ताव पर मुहर लगी थी। इस हाई-प्रोफाइल जांच की जिम्मेदारी पटना हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा को सौंपी गई है। भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर बिहार की सियासत पिछले कई दिनों से उफान पर थी। मुख्य विपक्षी दल लगातार इस मुद्दे पर नीतीश-सम्राट सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहे थे और मुख्यमंत्री से सीधे जवाब की मांग कर रहे थे। मुख्यमंत्री की रहस्यमयी चुप्पी पर विपक्ष हमलावर था, लेकिन आज सार्वजनिक मंच से दिए गए इस बयान के बाद सीएम ने विपक्ष के सारे आरोपों की हवा निकाल दी है। दरअसल, यह मौका था पटना के ज्ञान भवन में आपातकाल के 51वें वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का, जिसे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 'संविधान हत्या दिवस' के रूप में मना रही थी। इस समारोह में जेपी आंदोलन के सेनानियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। मंच पर केंद्रीय मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत बिहार सरकार के कई दिग्गज मंत्री, सांसद और विधायक मौजूद थे। जहाँ एक तरफ सम्राट चौधरी ने एनकाउंटर पर अपनी बात रखी, वहीं दूसरी तरफ जेपी नड्डा और सीएम दोनों ने ही देश में लगे आपातकाल को याद करते हुए कांग्रेस पार्टी को लोकतंत्र और संविधान विरोधी बताते हुए जमकर कटघरे में खड़ा किया।