कड़ी सुरक्षा के बीच बिहार के 38 जिलों में सिपाही भर्ती परीक्षा संपन्न, मुस्तैद रहा प्रशासन
पटना। बिहार में केंद्रीय चयन पर्षद द्वारा आयोजित सिपाही भर्ती 'कांस्टेबल ऑपरेटर' की लिखित परीक्षा रविवार को राज्य के सभी 38 जिलों में कड़ी सुरक्षा और पुख्ता इंतजामों के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। इस परीक्षा के माध्यम से विभाग में कुल 993 रिक्त पदों को भरा जाना है, जिसमें शामिल होने के लिए राज्य भर से लाखों अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे। परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त बनाने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए थे।
दोपहर 12:00 बजे से 2:00 बजे की एकल पाली में आयोजित इस परीक्षा में नकल और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया गया। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही थी, वहीं अभ्यर्थियों के प्रवेश के समय कड़े बायोमेट्रिक सत्यापन (थंब इंप्रेशन और फेस रिकग्निशन) से गुजरना पड़ा। इसके अलावा, परीक्षा हॉल के भीतर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और मोबाइल के उपयोग को पूरी तरह रोकने के लिए मोबाइल जैमर भी सक्रिय किए गए थे। सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर भारी संख्या में स्थानीय पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी। उदाहरण के तौर पर, शेखपुरा सहित कई जिलों में परीक्षा के निष्पक्ष संचालन हेतु केंद्रों के 500 गज के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163(1) के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई थी। इस दायरे में अनाधिकृत व्यक्तियों की आवाजाही और भीड़ लगाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहा, जिससे केंद्रों के बाहर शांति व्यवस्था बनी रही। दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले परीक्षार्थियों की सहूलियत और भारी भीड़ को देखते हुए परिवहन के भी विशेष इंतजाम किए गए थे। अभ्यर्थियों के सुगम आवागमन के लिए रेलवे द्वारा विशेष ट्रेनें चलाई गईं, जिससे परीक्षार्थियों को समय पर केंद्र पहुंचने में काफी मदद मिली। सुबह से ही केंद्रों के बाहर परीक्षार्थियों की लंबी कतारें देखी गईं, जहां गहन जांच के बाद ही उन्हें अंदर जाने की अनुमति मिली। केंद्रीय चयन पर्षद और जिला प्रशासनों के आपसी समन्वय के कारण राज्य में सिपाही भर्ती परीक्षा बिना किसी बड़ी बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न हो गई।