बेलागंज कृषि विभाग में भ्रष्टाचार का खेल!जनकल्याण शिविर में गूंजी धांधली की गूंज,मंत्री विजय सिन्हा ने दिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश
बिहार के गया जिले के बेलागंज प्रखंड में आयोजित जनकल्याण शिविर के दौरान कृषि विभाग में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का मामला चर्चा का केंद्र बन गया। किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ देने में लापरवाही और विभागीय कार्यों में पारदर्शिता की कमी के आरोप सामने आने के बाद प्रभारी मंत्री सह कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने के आदेश दिए हैं। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बेलागंज प्रखंड परिसर स्थित पुराने भवन में आयोजित जनकल्याण शिविर में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भाग लिया। कार्यक्रम में स्थानीय विधायक मनोरमा देवी, प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. राघवेंद्र शर्मा, अंचलाधिकारी गजानंद मेहता समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। मंत्री का स्वागत करने के बाद विभिन्न विभागों की योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा की गई। शिविर के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें मंत्री के समक्ष रखीं। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और शिकायतों के निपटारे में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इसी बीच कांग्रेस नेता नूनु सिंह ने कृषि मंत्री से मुलाकात कर बेलागंज कृषि विभाग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि विभाग में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हो रही हैं और किसानों को योजनाओं का लाभ देने में भेदभाव एवं लापरवाही बरती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में पारदर्शिता का अभाव है, जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस नेता द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद शिविर का माहौल गर्मा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। यदि जांच में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। जनकल्याण शिविर में हाल ही में आयोजित खरीफ महोत्सव के दौरान किसानों द्वारा किए गए हंगामे का मुद्दा भी उठा। किसानों ने उस समय भी कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए थे। इस संदर्भ में मंत्री ने कहा कि किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है और पूरे मामले की गहराई से जांच कराई जाएगी। विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को सभी योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराना है। उन्होंने दोहराया कि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार, लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को भी चेतावनी देते हुए कहा कि जनता और किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। बेलागंज में कृषि विभाग पर लगे आरोपों के बाद अब सभी की नजर प्रस्तावित जांच पर टिकी है। किसान उम्मीद कर रहे हैं कि जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी और यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी। फिलहाल मंत्री के सख्त रुख ने विभागीय हलकों में हलचल बढ़ा दी है।