निशानेबाज जसपाल राणा की त्रयोदशी में पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम धामी, दी भावभीनी श्रद्धांजलि
देहरादून। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय निशानेबाजी का लोहा मनवाने वाले, पद्मश्री से सम्मानित महान निशानेबाज स्वर्गीय जसपाल राणा के त्रयोदशी संस्कार में बुधवार को देश और राज्य की शीर्ष राजनीतिक हस्तियों ने शिरकत की। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार को विशेष रूप से देहरादून के मझौन गांव पहुंचे। दोनों दिग्गज नेताओं ने देश का नाम वैश्विक पटल पर रोशन करने वाले इस महान खिलाड़ी को अत्यंत भावुक माहौल के बीच अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मझौन गांव में आयोजित त्रयोदशी कार्यक्रम में पहुंचे केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सबसे पहले स्वर्गीय जसपाल राणा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान माहौल बेहद गमगीन और भावुक रहा। रक्षा मंत्री ने जसपाल राणा के खेल सफर को याद करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय निशानेबाजी को एक नया आयाम और वैश्विक पहचान दिलाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। उनके सटीक निशानों ने दुनिया भर में तिरंगे का मान बढ़ाया। पुष्प अर्पित करने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्वर्गीय राणा के शोकाकुल परिजनों और करीबियों से एकांत में मुलाकात की। उन्होंने परिवार के सदस्यों का हाथ थामकर उन्हें ढांढस बंधाया और अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं। रक्षा मंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि भगवान इस बेहद कठिन और दुखद समय में पूरे परिवार को यह अपार कष्ट सहने की शक्ति और आत्मिक संबल प्रदान करे।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी अपने आंसू नहीं रोक पाए। उन्होंने कहा कि जसपाल राणा केवल एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि उत्तराखंड के युवाओं के रोल मॉडल थे। उन्होंने अपनी अद्भुत प्रतिभा के दम पर देवभूमि और पूरे देश का नाम राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय खेल स्पर्धाओं में हमेशा गौरवान्वित किया। मुख्यमंत्री ने भावुक शब्दों में कहा कि जसपाल राणा ने सीमित संसाधनों के बीच जिस तरह से विश्व स्तर पर सफलता के झंडे गाड़े, वह यह साबित करता है कि उत्तराखंड की माटी में कितना हुनर है। खेल के क्षेत्र में दिए गए उनके इस अद्वितीय योगदान को आने वाली पीढ़ियां हमेशा एक महान प्रेरणा के रूप में याद रखेंगी और उनसे सीख लेंगी। त्रयोदशी संस्कार के दौरान पूरे मझौन गांव का माहौल अत्यंत भावुक और आंसुओं से भरा रहा। इस दौरान न केवल राजनेता, बल्कि खेल जगत से जुड़ी हस्तियां, स्थानीय ग्रामीण, प्रशासनिक अधिकारी और स्वर्गीय राणा के प्रशंसक भारी संख्या में उपस्थित रहे। वहां मौजूद हर आंख नम थी और लोग जसपाल राणा के सौम्य व्यक्तित्व, उनकी खेल उपलब्धियों और समाज के प्रति उनके परोपकारी योगदान को याद कर उन्हें नमन कर रहे थे। उपस्थित लोगों ने कहा कि जसपाल राणा का इतनी जल्दी चले जाना खेल जगत और विशेषकर उत्तराखंड के लिए एक ऐसा शून्य है, जिसे कभी भरा नहीं जा सकेगा।