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आपदा की मारः 13 दिन बाद भी नहीं खुल पाए मार्ग! बीमार छात्रा को डोली पर बिठाकर 10 किलोमीटर पैदल चले ग्रामीण

editor
  • Awaaz Desk
  • September 24, 2024 10:09 AM
Disaster struck: Roads could not be opened even after 13 days! Villagers walked 10 kilometers carrying the sick student on a doli

लोहाघाट। बीते दिनों आई आपदा ने लोहाघाट ब्लॉक के सीमांत डुंगरा बोहरा क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है। आपदा के बाद से गांव की सड़कें और पैदल रास्ते सब आपदा की भेंट चढ़ चुके हैं। आपदा के 13 दिन बाद भी सड़क व पैदल रास्ते सुचारू नहीं हो पाए हैं, जिस कारण ग्रामीण घरों में कैद हो गए हैं। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता ईश्वर राम ने बताया कि गांव की 18 वर्षीय छात्रा जानकी पुत्री मोहन सिंह की मंगलवार को अचानक तबीयत खराब हो गई। ज्यादा तबियत बिगड़ने पर गांव के युवाओं ने डोली व पीठ में लादकर बीमार छात्रा को जान हथेली में रखकर किसी तरह पैदल रास्ते से रोसाल तक पहुंचाया। युवाओं को इस जानलेवा यात्रा में चार घंटे लगे। इस दौरान युवाओं के साथ बड़ी दुर्घटना भी हो सकती थी। ईश्वर राम ने बताया कि गांव में आने जाने के लिए सड़क के साथ-साथ पैदल रास्ते भी नहीं बचे हैं। गांव में खाद्यान्न, पानी व अन्य जरूरी चीजों का गंभीर संकट पैदा हो गया है तथा गांव में बीमारियों का प्रकोप बड़ रहा है। उन्होंने बताया अभी सड़क ठीक होने में काफी समय लग सकता है। क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रशासन से आवाजाही के लिए पैदल मार्ग के निर्माण की मांग की है। साथ ही मार्ग निर्माण के लिए आइटीबीपी, एसएसबी से मदद की गुहार लगाई है, ताकि ग्रामीण पैदल जाकर जरूरी वस्तुओं की पूर्ति कर सकें। ग्रामीणों ने कहा कि अगर जल्द रास्ते सुचारू नहीं होते हैं तो गांव के हालात बेकाबू हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि सड़क व रास्ते बंद होने से कायल तक की जनता प्रभावित हो चुकी है। मार्ग बंद होने से ग्रामीणों को सरकारी मदद भी नहीं मिल पा रही है। उन्होंने प्रशासन से मार्ग खोलने में तेजी लाने की मांग की।


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