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शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: जंतर-मंतर से लेकर विपक्षी खेमे में जश्न का दौर! वांगचुक ने परीक्षा प्रणाली में ठोस सुधारों की उठाई मांग, राजधानी में कैबिनेट फेरबदल की सुगबुगाहट

editor
  • Awaaz Desk
  • July 25, 2026 10:07 AM
Education Minister's resignation: Celebrations erupt from Jantar Mantar to the opposition camp! Wangchuk calls for concrete reforms in the examination system; buzz grows regarding a cabinet reshuffle in the capital.

नई दिल्ली। देशभर में नीट-यूजी विवाद, लगातार सामने आ रहे पेपर लीक प्रकरणों और छात्रों के लंबे समय से चले आ रहे आंदोलनों के बीच एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना त्याग पत्र भेजते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि छात्रों का भविष्य किसी भी राजनीतिक या कानूनी विवाद से काफी ऊपर है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर सामने आते ही देश का सियासी माहौल पूरी तरह गरमा गया है। विपक्ष ने इसे जनशक्ति और छात्रों के धैर्य की ऐतिहासिक जीत बताया है, वहीं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इसे प्रत्यक्ष लोकतंत्र का बेहतर उदाहरण करार दिया है।

सड़कों से निकले प्रत्यक्ष लोकतंत्र की जीत: सोनम वांगचुक
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने इसे लोकतंत्र की एक बड़ी जीत करार देते हुए लिखा कि यह फैसला शांतिपूर्ण जनआंदोलन और देशभर के युवाओं के अनवरत धैर्य का सुखद परिणाम है। सोनम वांगचुक ने कहा, "यह लोकतंत्र की जीत है। यह सीधे सड़कों से निकले प्रत्यक्ष लोकतंत्र की जीत है। यह शांति, धैर्य और लगातार संघर्ष की जीत है।" उन्होंने 'सीजेपी' और देशभर के जेन-जी (Gen Z) छात्रों को बधाई दी, जिन्होंने बिना डरे अपने अधिकारों और पारदर्शी शिक्षा प्रणाली के लिए आवाज बुलंद की। वांगचुक ने स्पष्ट किया कि इस्तीफा केवल पहला कदम है, अब सरकार को जवाबदेही से आगे बढ़कर परीक्षा प्रणाली में सुधार, पेपर लीक पर रोक और पारदर्शिता जैसे ठोस कदम उठाने होंगे।

विपक्ष का केंद्र पर तीखा हमला: 'अहंकारी सरकार को झुकना पड़ा'
आम आदमी पार्टी:
पार्टी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि युवाओं की अटूट एकजुटता के सामने अहंकारी सरकार को झुकना पड़ा है। आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देशवासियों को बधाई देते हुए इसे लोकतंत्र की महान जीत बताया।
सुप्रिया सुले: सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि यह इस्तीफा शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों, छात्रों और विपक्ष के साझा दबाव का नतीजा है। उन्होंने साफ किया कि यह लड़ाई का अंत नहीं है, बल्कि संसद में नीट मुद्दे पर पूरी चर्चा और बड़ी जवाबदेही तय होनी बाकी है।
शशि थरूर: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा इस बात का प्रमाण है कि लोकतंत्र में जवाबदेही से हमेशा नहीं बचा जा सकता। यह अभिभावकों और छात्रों के अटूट इरादे की जीत है।
पी. चिदंबरम: पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने फैसले का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि इससे मौजूदा तनाव कम होगा और संसद में शिक्षा सुधारों पर गंभीर चर्चा का मार्ग प्रशस्त होगा।

दिल्ली में बढ़ी राजनीतिक हलचल
धर्मेंद्र प्रधान के अचानक पद छोड़ने के बाद राजधानी दिल्ली में राजनीतिक हलचल अचानक तेज हो गई है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस आनन-फानन में दिल्ली पहुंचे, जहां गृहमंत्री अमित शाह के साथ उनकी महत्वपूर्ण बैठक तय हुई है। राजनीतिक गलियारों में इस बैठक को केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित बड़े बदलावों से जोड़कर देखा जा रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे को भी केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। हालांकि, मंत्रिमंडल विस्तार या नए शिक्षा मंत्री के नाम पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।


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