एडीएम डॉ. ललित नारायण मिश्रा की लिखी पुस्तक ‘‘गीत मेरे मीत मेरे’’ को सभी ने सराहा! विचारों की आजादी से लेकर व्यंग्य तक, पढ़कर खुल जायेंगे ज्ञान चक्षु
एडीएम डॉक्टर ललित नारायण मिश्रा की लिखी पुस्तक "गीत मेरे मीत मेरे" एक ऐसी अभिव्यक्ति है जिसे कई वर्षों से शब्दों में पिरोया जा रहा था। डॉक्टर ललित मिश्रा ने पिछले कई वर्षों में जितनी भी रचनाएं की उनका एक संकलन "गीत मेरे मीत मेरे" में संजोया गया है।

इस पुस्तक में आपको भाव, विचारों की आज़ादी, टिप्पणी, व्यंग्य, सब कुछ मिलेगा। गीत ग़ज़ल के माध्यम से डॉक्टर ललित मिश्रा ने जिस खूबसूरती के साथ ये पुस्तक लिखी है पुस्तक प्रेमियों को निश्चित ही ये पसन्द आएगी। गीत मेरे मीत मेरे अमेजन ऑनलाइन शॉपिंग साइट पर भी उपलब्ध है।

आपको बता दें डॉक्टर ललित नारायण मिश्रा उन चुनिंदा अधिकारियों में से एक है जो प्रकृति के बेहद करीब रहते है कोरोना काल मे जब ऑक्सीजन के लिए हर तरफ हाहाकार मचा हुआ था तब हरिद्वार जिले में तैनात वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी डॉक्टर ललित नारायण मिश्रा ने 4.5 किमी ऑक्सीजन लेन बनाकर सुर्खियां बटोरीं थी।


उत्तराखंड में ऐसा पहली बार हुआ था जब राज्य का कोई रास्ता ऑक्सीजन लेन के नाम से चर्चा में आया। इस रास्ते मे ऑक्सीजन उत्सर्जन करने वाले ही पौधे लगाए गए। डॉक्टर ललित मिश्रा अपने देश अपने राज्य के लिए हमेशा कुछ न कुछ नया करते रहते है। उनकी लिखी पुस्तक "गीत मेरे मीत मेरे" में आपको बहुत कुछ ऐसा पढ़ने को मिलेगा जिससे आपके ज्ञान चक्षु खुल जाएंगे। उनकी इस पुस्तक को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह से लेकर तमाम नेतागण और बड़े बड़े अधिकारी भी पढ़ चुके है।
