आस्था: नवरात्रि पर नैनीताल के मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब! मां नयना देवी मंदिर में हुई विशेष पूजा-अर्चना
नैनीताल। नैनीताल में नवरात्रि को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखन को मिल रहा है। आज पहले दिन मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ आया। इस दौरान मंदिरों में पूजा-पाठ के साथ भजन-कीर्तनों का आयोजन किया गया। नैनीताल के प्रसिद्ध मां नयना देवी मंदिर में भक्तों की खासी भीड़ उमड़ी। इस दौरान पूरा क्षेत्र माता रानी के जयकारों से गूंज उठा। मान्यता है कि देवी सती की आंख यहां गिरी थी और इसी के बाद यहां मां नयना देवी की स्थापना हुई। देवी पार्वती का पार्थिव शरीर खंडित होने के बाद उनकी बांयी आंख यहां गिरी थी। पुराणों में लिखा है कि देवी पार्वती के पिता दक्ष-प्रजापति द्वारा जब विशाल यज्ञ में भगवान् शिव को आमंत्रण नहीं दिया गया, तो इस कदम से खिन्न होकर देवी पार्वती यज्ञ के हवन कुण्ड में कूदकर सती हो गई, जिससे दुखी भगवान शिव ने देवी पार्वती का पार्थिव शरीर लेकर ब्रह्माण्ड के चक्कर लगाने शुरू कर दिए। सृष्टि का सन्तुलन बिगड़ने से तीनों लोकों में हाहाकार मच गया, तब सृष्टि के संरक्षक भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से सती के शव के खंड-खंड कर दिऐ। जिससे देवी पार्वती की बांयी आंख देश के इसी हिस्से में गिरी और इस देवी का नाम नयना देवी रखा गया। यहां मां दुर्गा के साक्षात नयन विराजमान हैं और कहा जाता है कि मां दुर्गा बिना कुछ मांगे भक्तों की सभी मुराद पूरी करती हैं। नवरात्रि के पहले दिन नैनीताल के प्रसिद्ध मां नयना देवी मंदिर में भक्तों की भीड़ लगी है। श्रद्धालु मां नयना देवी के दर्शन और पूजा अर्चना में तल्लीन दिखाई दिये। मां नयना देवी मंदिर मंे नयन रूपी मां भगवती के रूप में विराजमान हैं। लिहाजा माना जाता है कि मां दुर्गा अपनी आंखों से हर इंसान के दुख दर्द देख लेती हैं और भक्तों की हर मनोकामना पूरी करती हैं।