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आस्थाः 36 साल बाद फिर गूंजे जय श्रीराम के जयकारे! श्रीनगर में रघुनाथ मंदिर के खुले कपाट, दिखी सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल

  • Awaaz Desk
  • March 27, 2026 09:03 AM
Faith: After 36 years, chants of "Jai Shri Ram" resonate again! The doors of the Raghunath Temple in Srinagar have opened, demonstrating communal harmony.

नई दिल्ली। रामनवमी के मौके पर श्रीनगर के हब्बा कदल के पास रघुनाथ मंदिर के कपाट करीब तीन दशक बाद खोले गए। मंदिर के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। इस मौके पर कश्मीरी पंडित ही नहीं, बल्कि स्थानीय मुस्लिम भी काफी खुश नजर आए हैं। 1990 के दशक की शुरुआत घाटी में आतंकवादी घटनाएं काफी बढ़ गई थीं। उग्रवाद, चरमपंथ और हिंदुओं के प्रति बढ़ती हिंसा के कारण कश्मीरी पंडितों को पलायन करना पड़ा था। इसी के बाद से ही श्रीनगर के हब्बा कदल के पास स्थित रघुनाथ मंदिर में कभी भी रामनवमी का पर्व नहीं मनाया गया और न ही इसके गेट खुले। हालांकि इस बार रघुनाथ मंदिर में बड़ी ही धूमधाम के साथ रामनवमी का पर्व मनाया गया है। यहां फिर से हवन और आरती की गई। बताते हैं कि हब्बा कदल का इलाका कश्मीरी पंडितों का गढ़ माना जाता था। मंदिर में रामनवमी कार्यक्रम का आयोजन करने वालों ने बताया कि सबसे बड़ी राम नवमी इसी मंदिर में मनाई जाती थी और अब फिर मनाई जाएगी। यह रघुनाथ मंदिर जम्मू की रेप्लिका है, इसका निर्माण महाराजा गुलाब सिंह द्वारा 1857 में किया गया था। श्रीनगर के डिप्टी कमिश्नर अक्षय लबरू ने उद्घाटन समारोह में कहा कि हम यहां कई सालों बाद राम नवमी मना रहे हैं। यह सभी के सहयोग से संभव हुआ है, नागरिक प्रशासन, पुलिस, क्षेत्र के निवासियों और इस मंदिर के कामकाज का प्रबंधन करने वाले लोगों के सहयोग से। उन्होंने आगे कहा कि इस महीने हमने नवरात्रि, नवरोज मनाया और अब हम राम नवमी मना रहे हैं। ये सभी त्योहार सौहार्दपूर्ण माहौल और सकारात्मक सहयोग के साथ मनाए गए हैं।


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