उत्तराखण्ड में पहली बार प्रदेश स्तर पर तैयार होगी पुलिस कांस्टेबल भर्ती की मेरिट लिस्ट! जिला स्तर का कोटा खत्म, पर्वतीय जिलों के युवाओं को सताने लगी चिंता
देहरादून। उत्तराखण्ड में पहली बार पुलिस कांस्टेबल भर्ती की प्रदेश स्तर पर मेरिट बनेगी। इसको लेकर पर्वतीय जिलों के युवाओं में खासी नाराजगी देखने को मिल रही है। युवाओं का कहना है कि प्रदेश स्तर पर मेरिट बनने से प्रतिस्पर्धा पहले की तुलना में कड़ी होगी और इससे मैदानी इलाकों के युवाओं को तो लाभ मिलेगा लेकिन पर्वतीय जिलों के युवाओं को खासा नुकसान उठाना पड़ सकता है।
हांलाकि इस मामले में पुलिस के आलाधिकारियों का कहना है कि प्रदेश के सभी जिलों में भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से कराई जा रही है ऐसे में इसका सवाल ही नहीं उठता कि किसको फायदा मिलेगा या किसको नुकसान होगा।
गौरतलब है कि उत्तराखण्ड में इन दिनों पुलिस महकमे में 1521 पदों पर कांस्टेबल की भर्ती चल रही है और राज्य गठन के बाद पहली बार पुलिस कांस्टेबल की भर्ती उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग करा रहा है। आपको बता दें कि अबतक जिला स्तर पर निर्धारित सीटों की संख्या के आधार पर पुलिस में कांस्टेबल की भर्ती होती आई है और मेरिट सूची जिला स्तर पर जारी होती थी।
बताया जा रहा है कि इस बार कांस्टेबल के लिए 2 लाख 50 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है, जिसमें से 1 लाख 50 हजार के करीब अभ्यर्थी शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल हुए हैं। कुमाऊं की बात करें तो यहां यह संख्या 90 हजार के करीब रही है।
ऐसे में युवाओं का मानना है कि प्रदेश स्तर पर मेरिट बनेगी तो इसका फायदा मैदानी इलाकों खासतौर पर ऊधम सिंह नगर, देहरादून, हरिद्वार जिलों के युवाओं को मिलेगा, जबकि पर्वतीय जिलों के युवाओं को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है। ऐसा इसलिए की पहले जिला स्तर पर मेरिट बनने से पुलिस में भर्ती होने का सपना साकार करना युवाओं के लिए अपेक्षाकृत आसान होता था अब जब प्रदेश स्तर पर बनेगी तो मुकाबला बेहद कड़ा हो सकता है।