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कुंभ में जंगली जानवरों की घुसपैठ पर 'वन विभाग' का रहेगा पहरा: बनेगा 2 किमी लंबा पैट्रोलिंग ट्रैक

editor
  • Tapas Vishwas
  • April 04, 2026 12:04 PM
Forest Department to Stand Guard Against Intrusion by Wild Animals at the Kumbh: 2-km-Long Patrolling Track to be Constructed

हरिद्वार। आगामी कुंभ मेले में जंगली जानवरों की घुसपैठ को रोकने के लिए वन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। बैरागी कैंप क्षेत्र में हाथी, गुलदार और अन्य वन्य जीवों के प्रवेश को नियंत्रित करने के लिए दो किलोमीटर लंबा पैट्रोलिंग ट्रैक बनाया जाएगा। इस ट्रैक पर वन विभाग की टीम 24 घंटे गश्त करेगी, ताकि जंगली जानवर कुंभ मेला क्षेत्र में घुसकर धार्मिक आयोजनों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा में खलल न डाल सकें। वन विभाग के अनुसार, कुंभ मेला स्थल के आसपास स्थित बैरागी कैंप क्षेत्र में अक्सर गुलदार, हाथी, हिरण, सांभर और नील गाय जैसे जंगली जानवर घुसपैठ करते रहते हैं। इनमें सबसे ज्यादा समस्या हाथियों की उत्पात से है, जो रोजाना जंगल पार करके आसपास के खेतों में फसलें खा जाते हैं। इससे न सिर्फ किसानों को आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि मानव-वन्य जीव संघर्ष भी बढ़ रहा है।

इस समस्या को देखते हुए वन विभाग ने कुंभ मेला निधि से 40 लाख 99 हजार रुपये का बजट स्वीकृत कराया है। इस राशि से बैरागी कैंप के गंगा किनारे से नजीबाद पुल तक आरबीएम से कच्चा पैट्रोलिंग ट्रैक तैयार किया जाएगा। ट्रैक बन जाने के बाद वन विभाग की विशेष टीम को 24 घंटे गश्त के लिए तैनात किया जाएगा। अगर कोई जानवर मेला क्षेत्र में घुस भी जाता है तो टीम तुरंत ट्रैंकुलाइजर का उपयोग करके उसे नियंत्रित करेगी। रेंजर शीशपाल सिंह ने बताया कि ट्रैक कुंभ मेला संपन्न होने के बाद भी वन विभाग के लिए नियमित गश्त के काम आएगा। वन विभाग के अधिकारियों ने याद दिलाया कि 2021 के कुंभ मेले में एक हाथी रात के समय आबादी क्षेत्र में घुस आया था। उसे खदेड़ने में वन टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। उस समय हाथी को भगाने वाले विशेष स्प्रे का इस्तेमाल किया गया था। इसी अनुभव को देखते हुए इस बार वन विभाग पहले से ज्यादा सतर्क है। बढ़ते मानव-वन्य जीव संघर्ष को ध्यान में रखकर पैट्रोलिंग ट्रैक और 24 घंटे गश्त की व्यवस्था की जा रही है। वन विभाग का मानना है कि यह ट्रैक न सिर्फ कुंभ मेले के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि स्थानीय किसानों और ग्रामीणों को भी जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान से राहत दिलाएगा। कुंभ मेला शुरू होने से पहले ट्रैक का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा, ताकि मेला क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित रहे।
 


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