नैनीताल में अपर जिला सूचना अधिकारी की सरकारी हनक! पत्रकार को जारी नहीं किया पास, बोले-जहां शिकायत करनी है करलो
नैनीताल। उत्तराखण्ड में विधानसभा चुनाव को लेकर आज मतदान हो रहा है। हर कोई इस महापर्व पर अपनी जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन कर रहा है, लेकिन नैनीताल में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक स्तर पर उंचे पद पर बैठे एक अधिकारी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल सूचना विभाग के द्वारा कुछ दिनों पहले निर्देश जारी हुआ था कि केवल इलेक्ट्रोनिक और प्रिंट मीडिया को ही चुनाव कवरेज में जाने की अनुमति मिलेगी और जिसके लिए विभाग प्रेस कार्ड जारी करेगा लेकिन ऐसा पूरी तरह से न हो सका जिस कारण चुनावी कवरेज में स्थानीय प्रशासन को मजबूरी में इलेक्ट्रोनिक प्रिंट के साथ सोशल मीडिया को भी उनके संस्थान के द्वारा जारी प्रेस कार्ड को अनुमति देनी पड़ी जबकि सोशल और वेब मीडिया को प्रेस की श्रेणी में नहीं रखा गया है । नैनीताल में एक निजी चैनल की पत्रकार जिसने सूचना विभाग द्वारा मांगे गए दस्तावेज़ सही समय पर उपलब्ध करवा दिये गए थे लेकिन फिर भी उनका पास बनकर नहीं आया और जब महिला पत्रकार ने अपर जिला सूचना अधिकारी के एल टमटा को शनिवार शाम फोन किया तो वो तरह तरह के बहाने बना कर टालमटोली करते गए , पत्रकार का कहना है कि उनके पास उनकी सभी रिकॉर्डिंग है जिसमें ये साफ सुना जा सकता है कि अपर सूचना अधिकारी के एल टमटा शायद नशे की हालत में थे जिस कारण वो संवाद भी सही से नहीं कर पा रहे थे महिला पत्रकार के बार बार कहने पर अंत में उन्होने पास बनने का आश्वासन दे दिया लेकिन सोमवार को फिर उनसे पास न बनाने का कारण पूछा गया तो वो बिफर गए और बदतमीजी से महिला पत्रकार से कहा जहा भी मेरी शिकायत करनी है कर लो डीएम से करनी है कर लो और यह कह कर फोन काट दिया । महिला पत्रकार नैनीताल में एक निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता करती आई है नैनीताल में चाहे वो अवैध निर्माण का मुद्दा हो या राजनैतिक नेताओं के भ्रष्टाचार के मामले सभी तरह की खबरे निजी चैनल से लेकर विभिन्न प्लेटफॉर्म पर देखी जा सकती है । गौर करने वाली बात ये भी है कि जिस संस्थान में महिला पत्रकार कार्य करती है वो संस्थान तीन न्यूज़ चैनलों का उत्तराखंड में संचालन करता है और तीनों चैनल डीएवीपी है और अन्य जिलों से इनहि चैनल के संवाददाताओं और प्रतिनिधियों के पास सूचना विभाग ने जारी किए है लेकिन इसी सूचना विभाग ने नैनीताल जिले में पास जारी नहीं किए । कई दिनों से लगातार देखने में आ रहा है कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कॉंग्रेस के हरीश रावत भुवन कापड़ी संजीव आर्य और अन्य जो विधायक पद की दावेदारी कर रहे है उनके प्रचार वाहन में शराब और पैसे बांटने का विडियो वायरल हो रहा है और आम आदमी पार्टी ने तो बाकायदा अपने फ़ेसबुक अकाउंट में सभी विडियो को जारी किया है वायरल विडियो में साफ देखा जा सकता है कि उत्तराखंड की मित्र पुलिस जिसकी ज़िम्मेदारी चुनाव के वक़्त अहम हो जाती है वो या तो किसी दबाव में या फिर पैसे के लेन देन में संलिप्त होकर इस तरह की हरकतों को रोकने की बजाय चुनाव को प्रभावित करने के लिए मदद करती नजर आती है इसलिए शायद पोलिग बूथों से ऐसे पत्रकारों को भी दूर रखा जाता है जो निष्पक्ष पत्रकारिता करते है ताकि सच्चाई बाहर न आ जाए ।