पिटकुल एमडी पीसी ध्यानी को हटाने के आदेश पर 'सुप्रीम' निर्णय लेगी सरकार,हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका की तैयारी
देहरादून। पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) के प्रबंध निदेशक (प्रभारी) प्रकाश चंद्र ध्यानी की नियुक्ति को लेकर राज्य की सियासत और शासन में हलचल तेज हो गई है। उत्तराखंड उच्च न्यायालय द्वारा पीसी ध्यानी की नियुक्ति रद्द करने और उन्हें तत्काल पद से हटाने के आदेश के बाद अब प्रदेश सरकार इस फैसले को चुनौती देने के मूड में है। शासन स्तर पर हाईकोर्ट के इस आदेश के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की कवायद शुरू कर दी गई है।
मामला 10 सितंबर 2022 का है, जब सरकार ने प्रकाश चंद्र ध्यानी को पिटकुल के प्रबंध निदेशक पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा था। इस नियुक्ति को विभाग के ही वरिष्ठ इंजीनियर और चीफ इंजीनियर लेवल-1 राजीव गुप्ता समेत अन्य अधिकारियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि ध्यानी की नियुक्ति नियमों के विरुद्ध है और वे इस पद के लिए निर्धारित अनिवार्य अर्हताएँ पूरी नहीं करते हैं। मामले की सुनवाई करते हुए उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने 18 फरवरी को एक अहम फैसला सुनाया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अधिनियम (एक्ट) के प्रावधानों के अनुसार, पीसी ध्यानी इस पद के लिए योग्य नहीं हैं। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि ध्यानी के पास इस पद के लिए आवश्यक तकनीकी योग्यता नहीं है। कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया कि ध्यानी को तत्काल पद से हटाते हुए किसी योग्य तकनीकी अधिकारी को एमडी का प्रभार सौंपा जाए। हाईकोर्ट के इस कड़े रुख के बाद ऊर्जा विभाग में हड़कंप मच गया है। हालांकि, सरकार फिलहाल ध्यानी को हटाने के पक्ष में नजर नहीं आ रही है। प्रमुख सचिव ऊर्जा, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम ने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट के आदेश का विधि विशेषज्ञों द्वारा बारीकी से अध्ययन किया जा रहा है। उन्होंने बताया, "हमने हाईकोर्ट का आदेश न्याय विभाग को भेज दिया है। सरकार इस मामले में न्यायालय के समक्ष पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की तैयारी कर रही है। पिटकुल जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में एमडी पद को लेकर चल रही इस कानूनी जंग ने विभाग के कामकाज और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच सामंजस्य पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जहाँ एक ओर तकनीकी अधिकारियों का गुट कोर्ट के फैसले को नियमों की जीत बता रहा है, वहीं शासन की पुनर्विचार याचिका की तैयारी ने इस विवाद को और लंबा खींचने के संकेत दे दिए हैं।