बाढ़ में हाईटेक निबंधन कार्यालय का भव्य आगाज़: मंत्री मदन साहनी बोले-शराब तस्करों पर टूटेगा कहर, ज़ब्त होगी संपत्ति
पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल को शनिवार को एक बड़ी सौगात मिली। बिहार सरकार के मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री मदन साहनी ने यहाँ नवनिर्मित अत्याधुनिक और हाईटेक निबंधन कार्यालय (रजिस्ट्री ऑफिस) का फीता काटकर और दीप प्रज्वलित कर विधिवत उद्घाटन किया। इस गौरवमयी समारोह में बख्तियारपुर के विधायक अरुण शाह, भाजपा के नगर अध्यक्ष संजय कुमार सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग गवाह बने। उद्घाटन समारोह की शुरुआत में सब रजिस्ट्रार रत्नामणि केशरी ने मुख्य अतिथि मंत्री मदन साहनी को बुके और शॉल भेंट कर सम्मानित किया। इस मौके पर मंत्री ने कार्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और विभागीय कर्मियों द्वारा बनाई गई आकर्षक रंगोली की जमकर सराहना की।
समारोह को संबोधित करते हुए निबंधन मंत्री मदन साहनी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार के सभी पुराने निबंधन कार्यालयों का कायाकल्प किया जा रहा है। बाढ़ का यह नया दफ्तर पूरी तरह डिजिटल और हाईटेक सुविधाओं से लैस है। अब जमीन की रजिस्ट्री, फ्लैट का निबंधन या विवाह पंजीकरण (मैरिज रजिस्ट्रेशन) कराने आने वाले आम नागरिकों को दलालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। हाईटेक व्यवस्था से न सिर्फ लोगों का समय बचेगा, बल्कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। जब पत्रकारों ने पिछले दिनों निबंधन शुल्क में की गई बढ़ोतरी पर सवाल पूछा, तो मंत्री ने बेहद बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में पूरे 13 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद निबंधन शुल्क में आंशिक वृद्धि की गई है। शुरुआत में आम जनता को थोड़ी परेशानी महसूस हो सकती है, लेकिन यह शुल्क सीधे सरकार के खाते में जाता है, जो राजस्व का मुख्य स्रोत है। इसी पैसे से सड़कों, अस्पतालों और स्कूलों जैसी विश्वस्तरीय जन-सुविधाएं तैयार होती हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि बिहार के कई शहरों में बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण चल रहा है, जिससे किसानों को जमीन का उचित मुआवजा मिल रहा है और उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है। निबंधन कार्यालय के उद्घाटन के इतर मद्यनिषेध विभाग की टीम पर लगातार हो रहे हमलों को लेकर मंत्री मदन साहनी का रुख बेहद कड़ा और आक्रामक नजर आया। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को खुली छूट देते हुए कहा कि पिछले एक महीने में पुलिस और मद्यनिषेध विभाग के साथ कई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठकें की गई हैं। बिहार में जिन बाहरी या स्थानीय कंपनियों के माध्यम से शराब की अवैध तस्करी की जा रही है, उनके केवल ड्राइवरों पर नहीं, बल्कि सीधे कंपनी मालिकों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज करने का कड़ा निर्देश दिया गया है। शराब के अवैध काले कारोबार और तस्करी से अर्जित की गई माफियाओं की पूरी चल-अचल संपत्ति को सरकार जब्त (कुर्क) करेगी। बिहार की सीमाओं और आंतरिक चेक पोस्टों पर अतिरिक्त पुलिस बल और आधुनिक उपकरणों की तैनाती बढ़ाई जा रही है।राज्य सरकार बिहार में 'पूर्ण शराबबंदी कानून' को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पुलिस पर हमला करने वाले या कानून को ठेंगा दिखाने वाले शराब माफियाओं को पाताल से भी ढूंढकर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। इस धंधे में शामिल किसी भी रसूखदार को बख्शा नहीं जाएगा। इस हाईटेक कार्यालय के शुरू होने से बाढ़ और आसपास के इलाकों की जनता में भारी उत्साह है, वहीं मंत्री के कड़े बयानों ने शराब तस्करों की नींद उड़ा दी है।