नैनीताल में लंपी वायरस को लेकर बढ़ी चिंता! पशुपालन विभाग ने संभाला मोर्चा, गायों की जांच और टीकाकरण
नैनीताल। गायों में फैलने वाला खतरनाक लंपी वायरस एक बार फिर उत्तराखंड में पैर पसार रहा है। इसे देखते हुए नैनीताल में पशुपालन विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। लंपी वायरस की रोकथाम और पशुओं को संक्रमण से बचाने के लिए पशु चिकित्सकों ने नैनीताल स्थित गौशाला पहुंचकर गायों की जांच की और उनका वैक्सीनेशन किया। लंपी वायरस एक संक्रामक चर्म रोग है, जो मुख्य रूप से गाय और बैलों में होता है। संक्रमण की स्थिति में पशुओं के शरीर पर गांठें पड़ जाती हैं, तेज बुखार आता है और दूध उत्पादन में भी भारी कमी हो जाती है। यह वायरस मच्छर और मक्खियों जैसे कीटों के जरिए एक पशु से दूसरे पशु में फैल सकता है। पशु चिकित्सक डॉ. अशोक धीमान ने बताया कि बीमारी सामान्यतः घातक नहीं होती, लेकिन संक्रमण के बाद पशु लंबे समय तक कमजोर रह सकता है। इससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। पशुपालन विभाग ने पशुपालकों से अपने पशुओं का समय पर टीकाकरण कराने और पशु बाड़ों में साफ-सफाई रखने की अपील की है। विभाग ने कहा कि किसी पशु में शरीर पर गांठें पड़ने, तेज बुखार या अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई दें तो उसे तत्काल दूसरे पशुओं से अलग कर नजदीकी पशु चिकित्सालय से संपर्क करें।