सरोवर नगरी में गुरु अर्जुन देव का शहीदी दिवस संपन्न, नगर कीर्तन में उमड़ा आस्था का सैलाब
नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल में सिखों के पांचवें गुरु, श्री गुरु अर्जुन देव जी का शहीदी दिवस बेहद श्रद्धा, उल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर श्री गुरु सिंह सभा नैनीताल के तत्वावधान में एक विशाल और भव्य नगर कीर्तन (धार्मिक जुलूस) का आयोजन किया गया, जिसमें न केवल स्थानीय बल्कि आसपास के कई शहरों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लेकर गुरु के चरणों में शीश नवाया।
मल्लीताल स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारे में शबद-कीर्तन और अरदास का दौर शुरू हुआ। इसके बाद पंच प्यारों की अगुवाई में पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब की छत्रछाया में नगर कीर्तन की भव्य शुरुआत हुई। मल्लीताल गुरुद्वारे से शुरू होकर यह नगर कीर्तन अपर माल रोड से होते हुए तल्लीताल पहुंचा। इसके बाद जुलूस पुनः अपर माल रोड, घोड़ा स्टैंड और मस्जिद तिराहा होते हुए वापस गुरुद्वारे में जाकर संपन्न हुआ। पूरे मार्ग के दौरान सिख समुदाय के पुरुषों, महिलाओं और बच्चों ने पंच प्यारों के आगे-आगे सड़क की सफाई की और फूलों की वर्षा की। 'जो बोले सो निहाल, सत् श्री अकाल' के गगनभेदी जयकारों से पूरी नैनीताल घाटी गूंज उठी। इस बार के नगर कीर्तन का मुख्य आकर्षण देश के विभिन्न हिस्सों से आए गतका (सिख युद्ध कला) दलों का प्रदर्शन रहा। अमृतसर, बाजपुर, रुद्रपुर और हल्द्वानी से विशेष रूप से आमंत्रित कलाकारों ने हवा में तलवारें लहराने, लाठी चलाने और आत्मरक्षा के ऐसे हैरतअंगेज पारंपरिक करतब दिखाए कि वहां मौजूद स्थानीय लोग और देश-विदेश से आए पर्यटक स्तब्ध रह गए। कलाकारों के अदम्य साहस को देखकर दर्शकों ने तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया। गर्मियों के इस मौसम में राहगीरों और श्रद्धालुओं की सेवा के लिए नगर कीर्तन के पूरे मार्ग में विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय व्यापारियों द्वारा ठंडे मीठे पानी और रूहअफ़ज़ा की छबीलें (स्टॉल) लगाई गई थीं। इसके साथ ही श्रद्धालुओं को प्रसाद और फल भी वितरित किए गए। गुरु सिंह सभा के पदाधिकारियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पुलिस प्रशासन, स्थानीय जनता और आसपास के शहरों से आए सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। शाम को गुरुद्वारे में विशेष दीवान सजाए गए और गुरु का अटूट लंगर भी बरताया गया।