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हल्द्वानीः लेनदेन के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सुनाया फैसला! दोस्त से लिए रूपए न लौटाने पर होटल व्यवसायी को चार माह का कारावास

editor
  • Awaaz Desk
  • May 26, 2022 11:05 AM
Haldwani: Judicial Magistrate pronounced the verdict in the transaction case! Hotelier jailed for four months for not returning money taken from friend

हल्द्वानी। न्यायालय सिविल जज (सीनियर डिवीजन) ज्योति बाला द्वारा लेनदेन के एक मामले में फैसला सुनाते हुए अभियुक्त को चार माह के कारावास की सजा सुनाई गयी। इस दौरान अभियुक्त पर 10 हजार का जुर्माना भी लगाया गया। वहीं जुर्माना अदा न करने पर अभियुक्त 15 दिन का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतेगा। इस दौरान सिविल जज द्वारा अभियुक्त को परिवादी के 8 लाख का भुगतान प्रतिकर के रूप में अदा करने का आदेश भी दिया गया। 

मामले के अनुसार साल 2017 में होटल व्यवसायी संतोष हर्नवाल ने अपने पड़ोसी गुसाई सिंह सुगड़ा से यह कहते हुए आठ लाख रूपए उधार लिए कि रामगढ़ में उसका एक होटल है और होटल कार्य के विस्तारीकरण के लिए उसे पैसे की जरूरत है। चूंकि होटल व्यवसायी संतोष हर्नवाल उनका पड़ोसी था और काफी समय से दोनों के बीच मित्रता के चलते गुसाई सिंह सुगड़ा ने उन्हें आठ लाख रूपए दे दिए। 

आरोप है कि पैसे लेते वक्त होटल व्यवसायी हर्नवाल ने यह कहा था कि उसका बैंक में लोन की फाइल लगी है और जैसे ही लोन पास हो जायेगा तो वह 3-4 माह में ही पैसे लौटा देगा। इस बाबत उसने गुसाई सिंह सुगड़ा को एक चैक दिया था। चैक में 13-07-2018 की डेट डाली गयी थी। समय पूरा होने पर गुसाई सिंह सुगड़ा जब बैंक पहुंचे तो उक्त खाते में धनराशि कम होने के चलते चैक बाउंस हो गया। इसके बाद भी गुसाई सिंह सुगड़ा द्वारा होटल व्यवसायी से तकादा किया गया, लेकिन फिर भी उसने धनराशि नहीं चुकाई।

आखिर में थक-हारकर गुसाई सिंह सुगड़ा द्वारा एनआई एक्ट धारा 138 के तहत सिविल जज सीनियर डिविजन हल्द्वानी में वाद दायर किया गया। इस दौरान सुगड़ा की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता राजेन्द्र पंत द्वारा पैरवी की गयी। पैरवी में अदालत ने पाया कि होटल व्यवसायी संतोष हर्नवाल ने परिवादी गुसाई सिंह सुगड़ा को पैसे नहीं लौटाए और उन्हें बेवजह परेशानी में डाला। पूरा मामला सुनने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट सिविल जज (सीनियर डिविजन) ज्योति बाला द्वारा उक्त अपराध के लिए अभियुक्त को चार माह के कारावास और 10 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई गयी। इस मामले में कोर्ट ने अभियुक्त होटल व्यवसायी संतोष हर्नवाल को परिवादी गुसाई सिंह सुगड़ा का पूरा पैसा प्रतिकर के रूप में अदा करने के आदेश भी दिए। 

उधर अपने पक्ष में फैसला आने पर प्रतिवादी गुसाई सिंह सुगड़ा ने अपने वकील राजेन्द्र पंत का आभार जताया है। 


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