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हल्द्वानीः रानीबाग की ऐतिहासिक धरोहर को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए लामबंद हुआ पहाड़ी समाज! जिया रानी के जयकारों के साथ सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय तक पहुंची रैली

editor
  • Awaaz Desk
  • August 09, 2026 12:08 PM
Haldwani: The hill community has mobilized to free the historical heritage site of Ranibagh from encroachment! A rally reached the City Magistrate's office amidst chants hailing Jiya Rani.

हल्द्वानी। रानीबाग स्थित माता जिया रानी की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग को लेकर रविवार को प्रदर्शन किया गया। पहाड़ी आर्मी के संस्थापक अध्यक्ष हरीश रावत के नेतृत्व में प्रसिद्ध इतिहासकार प्रोफेसर अजय रावत, राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरु, डीआरडीओ के पूर्व वैज्ञानिक डॉ. देवेंद्र सिंह खाती सहित सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने उत्थान मंच हीरानगर स्थित गोल्ज्यू मंदिर से पैदल मार्च निकालकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान माता जिया रानी के जयकारों और कुमाऊंनी ढोल-नगाड़ों के साथ प्रशासन का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया गया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की, कि रानीबाग स्थित जिया रानी की भूमि को तत्काल अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए। पहाड़ी आर्मी के अध्यक्ष हरीश रावत ने कहा कि रानीबाग स्थित चित्रेश्वर धाम जिया रानी की भूमि धार्मिक एवं ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यह भूमि कत्युरी राजाओं के वैभवशाली, शक्तिशाली साम्राज्य का गवाह है। माता जिया रानी ने तुर्को और रोहिलो को यहां से मार भगाया और ऋषि मारकंडे की तपोभूमि रही है। यदि सरकार और प्रशासन को समय रहते भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई करनी चाहिए। यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं उग्र किया जाएगा।

उन्होंने भाजपा सरकार से जिया रानी की भूमि को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग करते हुए कहा कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंदिर समिति से जुड़े रमेश मनराल और चंदन मनराल ने कहा कि ऐतिहासिक व धार्मिक धरोहर की रक्षा के लिए पहाड़ी समाज लामबंद हो रहा है। चित्रेश्वरधाम, चित्रशिलाघाट और राजमाता जिया रानी की तपोभूमि रानीबाग में पहाड़ी संस्कृति, सनातन शास्त्र विधि के विपरीत शनि मंदिर का निर्माण कराया गया है, जिसको तुरंत वहां से अन्य स्थापित किया जाए। उन्होंने कथित अतिक्रमण के विरोध में जिया रानी की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की। इस दौरान जोरदार नारेबाजी की रैली सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय तक पहुंची। इस दौरान बड़ी संख्या में पहाड़ी समाज के लोग, महिलाएं और युवा पारंपरिक वेशभूषा में ढोल-नगाड़ों के साथ शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में स्पष्ट कहा गया कि यदि 10 दिनों के अंदर कथित अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो उग्र आंदोलन किया जायेगा। ज्ञापन में मांग की गई कि रानीबाग को मानसखंड मंदिर माला के तहत धर्म नगरी के रूप में विकसित किया जाय। इस दौरान चित्रांगद रावत, राजेंद्र कांडपाल, प्रेमा मेर, कविता जीना, राजेंद्र सिंह मनराल, चंदन सिंह मनराल, दिलीप कुमार चंद, विनोद कुमार जोशी, कमल जोशी, जय रावत, देवेंद्र सिंह खाती, सीता रावत, हरेंद्र सिंह राणा, गीता बिष्ट, महेश चंद्र भट्ट, रमेश मनराल, उमा रौतेला, अंजू पांडे, रमेश सिंह रावत, आनंद सिंह कन्याल, विनोद सिंह नेगी, कमल जेठी, मोहन सिंह बोरा, सुजान सिंह दसौनी, प्रदीप रौतेला, कन्नू तिवारी, राजेंद्र बिष्ट, मनोज सिंह रावत, दीपा बोरा, दीपा पांडे, दीपा मिश्रा, सुजान सिंह दसोनी, लाल सिंह रावत आदि मौजूद रहे।


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