भीषण गर्मी का कहर: डीएम का बड़ा फैसला, कक्षा 7 तक के स्कूल पूरी तरह बंद, कक्षा 8 से ऊपर सिर्फ 10 बजे तक
मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर जिले में आसमान से बरसती आग, रिकॉर्ड तोड़ते तापमान और दोपहर के समय चल रही भीषण लू (हिटवेव) को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए एक बहुत बड़ा और सख्त कदम उठाया है। जिले में लगातार बढ़ रही अत्यधिक गर्मी और तेज धूप के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव को भांपते हुए जिला दंडाधिकारी कुमार गौरव ने बुधवार को एक हाई-प्रोफाइल आपातकालीन आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत जिले के सभी सरकारी, गैर-सरकारी (निजी) विद्यालयों, मान्यता प्राप्त स्कूलों और प्री-स्कूलों में आगामी 27 जून 2026 तक तत्काल प्रभाव से शैक्षणिक गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
जिलाधिकारी कुमार गौरव द्वारा जारी आधिकारिक आदेश में स्पष्ट किया गया है कि दोपहर की भीषण गर्मी और अत्यधिक तापमान बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बेहद जोखिम भरा साबित हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा-163 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए डीएम ने यह नियम लागू किया है। इन कक्षाओं के छोटे बच्चों के लिए सभी प्रकार की शैक्षणिक गतिविधियां, कक्षाएं और परीक्षाएं 24 जून से 27 जून 2026 तक पूरी तरह से स्थगित रहेंगी। सीनियर कक्षाओं (कक्षा 8, 9, 10, 11 और 12) के विद्यार्थियों के लिए स्कूल खोलने की अनुमति दी गई है, लेकिन उनकी पढ़ाई केवल पूर्वाह्न 10:00 बजे तक ही संचालित की जा सकेगी। 10 बजे के बाद किसी भी सूरत में छात्रों को स्कूल में नहीं रोका जाएगा। जिला प्रशासन ने सभी स्कूल प्रबंधनों को सख्त निर्देश दिया है कि वे इस समयावधि के अनुसार पठन-पाठन और अन्य जरूरी शैक्षणिक गतिविधियों का पुनर्निर्धारण (री-शेड्यूल) तुरंत सुनिश्चित करें। स्कूली बच्चों के साथ-साथ जिला प्रशासन ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले नौनिहालों की सुरक्षा का भी पूरा खाका तैयार किया है। इसके लिए एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) विभाग को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे हर हाल में सुनिश्चित करें कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर सुबह नौ बजे से पहले बच्चों के बीच पोषाहार का वितरण अनिवार्य रूप से पूरा कर लिया जाए। सुबह 9 बजे के बाद केंद्रों की सभी नियमित गतिविधियां पूरी तरह बंद रखी जाएंगी ताकि तपती धूप में बच्चों को बाहर न निकलना पड़े। जिला प्रशासन ने सभी अनुमंडल अधिकारियों, शिक्षा विभाग के अफसरों और संबंधित थाना प्रभारियों को निर्देश दिया है कि इस आदेश का जमीन पर कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। यदि कोई भी निजी या सरकारी स्कूल इस सरकारी आदेश की अवहेलना करते हुए या तय समय के बाद कक्षाएं संचालित करते हुए पाया गया, तो प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस त्वरित पहल से अभिभावकों ने बड़ी राहत की सांस ली है।