पाकुड़ में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की हाई-लेवल बैठक: कोई मतदाता न छूटे,बिना कागजात माता-पिता के नाम से होगा अनमैप्ड वोटरों का सत्यापन
पाकुड़। झारखंड में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण और मैपिंग कार्य को शत-प्रतिशत त्रुटिहीन बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी कड़ी में राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार बुधवार को पाकुड़ पहुंचे। उन्होंने समाहरणालय स्थित भव्य सभागार में संथाल परगना प्रमंडल के गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ जिले के जिला निर्वाचन पदाधिकारियों (डीईओ) के साथ एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिलों में चल रहे मतदाता मैपिंग कार्य की बारीकियों को परखना और फील्ड में बीएलओ के सामने आ रही व्यावहारिक समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट समाधान तलाशना था।
समीक्षा बैठक के उपरांत पत्रकारों से मुखातिब होते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने एक बड़ी और राहत भरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आदिम जनजाति (पीटीजी) वर्ग के मतदाताओं को एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसका विशेष ख्याल रखा जा रहा है। सबसे खास बात यह है कि जितने भी 'अनमैप्ड' यानी छूटे हुए मतदाता हैं, उनका बीएलओ के माध्यम से घर-घर जाकर मैपिंग कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी योग्य मतदाता का नाम वर्ष 2003 की पुरानी मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, तो उन्हें घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। ऐसे मतदाता केवल अपने माता-पिता के नाम का मिलान मौजूदा सूची से कराएंगे और उनका नाम जोड़ दिया जाएगा। इसके लिए उन्हें किसी भी प्रकार के अतिरिक्त सरकारी कागजात या दस्तावेज देने की कोई आवश्यकता नहीं होगी। वोटर लिस्ट को पूरी तरह अपडेट करने की रणनीति साझा करते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि आगामी 30 जून से राज्यभर में एक विशेष अभियान शुरू हो रहा है। इसके तहत मतदाताओं को दो विशेष फॉर्म दिए जाएंगे। मतदाता इसे भरकर अपने क्षेत्र के बीएलओ के पास जमा करेंगे। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बीएलओ द्वारा फॉर्म की एक प्रति (कॉपी) बकायदा 'प्राप्ति रसीद' के रूप में मतदाता को मौके पर ही वापस सौंप दी जाएगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने राज्य के युवाओं से अपील करते हुए कहा कि भारत के वे सभी पात्र नागरिक जो अब तक मतदाता के रूप में पंजीकृत नहीं हो सके हैं और आगामी 1 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं, उनके पास वोटर बनने का यह सबसे शानदार मौका है। ऐसे सभी युवा इन्यूमरेशन फेज (30 जून 2026 से 29 जुलाई 2026) और दावे एवं आपत्ति अवधि (5 अगस्त 2026 से 4 सितंबर 2026) के दौरान सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। वे स्वयं या अपने माता-पिता के विवरण के साथ अपनी जन्मतिथि के आधार पर एक स्व-घोषणा पत्र और जरूरी दस्तावेजों के साथ प्रपत्र-6 में अपना आवेदन ऑनलाइन या ऑफलाइन जमा कर सकते हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक में पाकुड़ की जिला निर्वाचन पदाधिकारी मेघा भारद्वाज, गोड्डा के डीईओ लोकेश मिश्रा, साहिबगंज के डीईओ दीपक कुमार दुबे के अलावा संथाल परगना के सभी ईआरओ,एईआरओ, और उप निर्वाचन पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।