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हाईस्कूल शिक्षक नियुक्ति 2016: फैक्ट फाइंडिंग कमीशन के समक्ष जेएसएससी ने सौंपी जांच रिपोर्ट, अब 1 अगस्त को होगी अगली सुनवाई

editor
  • Tapas Vishwas
  • June 27, 2026 12:06 PM
High School Teacher Recruitment 2016: JSSC submits inquiry report to the Fact-Finding Commission; next hearing scheduled for August 1.

रांची। झारखंड में साल 2016 से चली आ रही हाईस्कूल शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया के विवादों की जांच अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। मामले की तफ्तीश के लिए गठित 'वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमीशन' के समक्ष शनिवार को झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंप दी है। जस्टिस गौतम कुमार चौधरी के नेतृत्व में हुई इस बेहद महत्वपूर्ण ऑनलाइन सुनवाई के दौरान आयोग ने प्रार्थी पक्ष को निर्देश दिया है कि यदि जेएसएससी द्वारा सौंपी गई इस रिपोर्ट पर उन्हें किसी भी तरह की कोई आपत्ति है, तो वे आगामी 1 अगस्त तक अपनी दलीलें आयोग के समक्ष दाखिल कर सकते हैं। इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला और विवादित पहलू वह है, जिस पर फैक्ट-फाइंडिंग कमीशन ने पिछली सुनवाई में जेएसएससी से कड़ा जवाब मांगा था। दरअसल, कमीशन ने आयोग को एक ऐसी विस्तृत रिपोर्ट जमा करने का आदेश दिया था, जिसमें विषयवार उन नियुक्तियों का पूरा ब्योरा दर्ज हो, जो 18 सितंबर,2019  से लेकर 2 अगस्त, 2022 के बीच की गईं। गौर करने वाली बात यह है कि इस अवधि के दौरान माननीय न्यायालय के आदेशानुसार इस पूरी भर्ती प्रक्रिया पर सख्त रोक लगी हुई थी। अब कमीशन इसी बात की गहराई से जांच कर रहा है कि रोक के बावजूद ये नियुक्तियां आखिर किन परिस्थितियों में और किसके आदेश पर की गईं। शनिवार को हुई इस अहम सुनवाई की जानकारी देते हुए अधिवक्ता शेखर प्रसाद गुप्ता ने बताया कि ऑनलाइन मोड में आयोजित इस बैठक में मामले से जुड़े सभी पक्षों के कानूनी प्रतिनिधि और प्रार्थी उपस्थित थे। जेएसएससी द्वारा रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद अब अगली बड़ी सुनवाई 1 अगस्त को मुकर्रर की गई है।

आपको बता दें कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा साल 2016 में हाईस्कूल शिक्षकों के कुल 17786 पदों पर बहाली के लिए यह विज्ञापन निकाला गया था। लेकिन शुरुआत से ही यह नियुक्ति प्रक्रिया स्थानीय नीति और मेरिट लिस्ट के फेर में फंसकर विवादों की भेंट चढ़ गई। एक लंबी और थका देने वाली कानूनी लड़ाई के बाद, हाईकोर्ट के सख्त आदेश पर जेएसएससी ने २६ विषयों की स्टेट मेरिट लिस्ट और कट-ऑफ अंक जारी किए थे। हालांकि, इस नियुक्ति में जिला स्तरीय और राज्य स्तरीय मेरिट के अलग-अलग आधारों को अपनाने के कारण भारी विसंगतियां पैदा हो गईं। नतीजा यह हुआ कि सैकड़ों ऐसे योग्य अभ्यर्थी आज भी नौकरी के लिए दर-दर भटक रहे हैं, जिनके अंक आयोग द्वारा जारी आधिकारिक कट-ऑफ से कहीं अधिक हैं। इन्हीं वंचित अभ्यर्थियों ने अपने हक और नियुक्ति की मांग को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया है। इस मामले में मुख्य प्रार्थी मीना कुमारी और अन्य अभ्यर्थियों की ओर से अब तक कुल 258 याचिकाएं दायर की जा चुकी हैं। इन याचिकाओं की गंभीरता और विसंगतियों को देखते हुए ही हाईकोर्ट ने 'वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमीशन' का गठन किया है, जो लगातार इस मामले की परतें खंगाल रहा है। रोजगार की आस में बैठे हजारों युवाओं की नजरें अब दो बेहद महत्वपूर्ण तारीखों पर टिकी हैं। जहाँ एक ओर वन मैन कमीशन के समक्ष 1 अगस्त को अगली सुनवाई होनी है, वहीं दूसरी ओर हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के फैसले के खिलाफ डबल बेंच में चल रही समानांतर सुनवाई पर आगामी 30 जून को अदालत का रुख साफ होगा।
 


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