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हनीमून मर्डर केस: सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द की! तीन सप्ताह में आत्मसमर्पण का आदेश, मेघालय सरकार की याचिका पर आया फैसला

editor
  • Awaaz Desk
  • July 23, 2026 08:07 AM
Honeymoon Murder Case: Supreme Court cancels Sonam Raghuvanshi's bail! Ordered to surrender within three weeks; ruling follows a plea by the Meghalaya government.

नई दिल्ली। इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सर्वोच्च अदालत ने सोनम को मिली जमानत रद्द करते हुए उन्हें तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद बहुचर्चित हनीमून मर्डर केस एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। इस मामले में सोनम के अलावा उसके कथित प्रेमी समेत कई अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। यह मामला उस समय देशभर में चर्चा का विषय बन गया था, जब शादी के कुछ समय बाद हनीमून मनाने मेघालय गए राजा रघुवंशी की हत्या कर दी गई थी। मामले की जांच के दौरान सामने आए घटनाक्रम के बाद उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी समेत कई लोगों पर हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप लगे। बाद में सोनम को जमानत मिल गई थी। इस जमानत को चुनौती देते हुए मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। राज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जमानत रद्द करने की मांग करते हुए दलील दी कि सोनम को तकनीकी आधार पर राहत मिली थी। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी से जुड़े दस्तावेज में केवल एक कानूनी धारा का नंबर टाइप करने में त्रुटि हुई थी। इतनी छोटी तकनीकी गलती के आधार पर आरोपी को जमानत देना उचित नहीं है। राज्य सरकार ने यह आशंका भी जताई कि यदि जमानत बरकरार रहती है तो आरोपी के फरार होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सोनम के वकील के सामने दो विकल्प रखे थे। अदालत ने पूछा था कि क्या सोनम स्वेच्छा से सरेंडर करेंगी या फिर अदालत उनकी जमानत रद्द करने पर फैसला सुनाए। इसके बाद मामले की अगली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने जमानत रद्द करने का फैसला सुनाया और सोनम को तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया।

वहीं, सोनम की ओर से पेश वकील ने जमानत बरकरार रखने की मांग की। बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि मामले में कुल 94 गवाह हैं, लेकिन अब तक केवल चार गवाहों के बयान दर्ज हुए हैं। वकील ने कहा कि सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है और सोनम को कड़ी शर्तों के साथ जमानत दी गई थी। उनका दावा था कि सोनम ने जमानत की सभी शर्तों का पालन किया है और उनके फरार होने की कोई आशंका नहीं है। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि सोनम ने खुद सरेंडर नहीं किया था, बल्कि उन्हें उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, मेघालय सरकार ने इस दलील का विरोध करते हुए कहा कि गिरफ्तारी के आधार को लेकर उठाई गई आपत्ति का कोई ठोस आधार नहीं है। राज्य सरकार ने रिकॉर्ड और चार्जशीट का हवाला देते हुए कहा कि आरोपी के सरेंडर किए जाने का उल्लेख दर्ज है। सुप्रीम कोर्ट में अपने जवाब में सोनम ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है। उन्होंने दावा किया कि अभियोजन पक्ष का पूरा मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है और केवल आरोप लगाए जाने से किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता। राजा रघुवंशी हत्याकांड की सुनवाई फिलहाल ट्रायल कोर्ट में जारी है। अभियोजन पक्ष की ओर से गवाहों के बयान दर्ज कराए जा रहे हैं, जबकि बचाव पक्ष अपनी दलीलें पेश कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद अब सोनम रघुवंशी को तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करना होगा। 


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