मोतिहारी में इंसानियत शर्मसार: विधवा महिला को शादी का झांसा देकर राजस्थान में बेचने की साजिश, पूर्वी चंपारण पुलिस ने 5 तस्करों को दबोचा
मोतिहारी। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले से मानव तस्करी (ह्यूमन ट्रैफिकिंग) का एक सनसनीखेज और घिनौना मामला सामने आया है। जिले की पिपरा कोठी थाना पुलिस ने एक बेहद सक्रिय अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पांच शातिर तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह गिरोह गरीब, बेसहारा और असहाय महिलाओं को अच्छी शादी का सपना दिखाकर और चंद रुपयों का लालच देकर राजस्थान जैसे सुदूर राज्यों में ले जाकर ऊंचे दामों में बेचने का काला कारोबार कर रहा था। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से एक बेकसूर महिला की जिंदगी बर्बाद होने से बच गई।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इस बार गिरोह के निशाने पर मोतिहारी की रहने वाली संजू देवी (परिवर्तित नाम) थी। संजू के पति की कुछ समय पहले सड़क हादसे में मौत हो चुकी थी, जिसके बाद वह अपने दो मासूम बच्चों के पालन-पोषण के लिए बेहद तंगहाली में जी रही थी। संजू की इसी लाचारी का फायदा उठाकर तस्करों ने उसे जाल में फंसाया। उन्होंने महिला को 10 हजार रुपये नकद और राजस्थान में एक समृद्ध परिवार में शादी कराने का झांसा दिया। साजिश के तहत, आरोपियों ने पीड़िता को पानी में कोई तीखा नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया, ताकि वह बेहोशी की हालत में आ जाए और उसे आसानी से राज्य से बाहर भेजा जा सके। पिपरा कोठी के थानाध्यक्ष बृजेश सिंह को जैसे ही इलाके के एक होटल में संदिग्ध गतिविधियों की गुप्त सूचना मिली, उन्होंने बिना वक्त गंवाए एक विशेष टीम का गठन कर छापेमारी कर दी। पुलिस के अचानक होटल के कमरे में दाखिल होते ही तस्करों के होश उड़ गए। पुलिस ने मौके से बेहोशी की हालत में महिला को रेस्क्यू किया और घेराबंदी कर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने कुबूल किया कि वे लंबे समय से इस संगठित अपराध में शामिल हैं और बेसहारा महिलाओं को अपना शिकार बनाते थे। पीड़िता की मां हीरामती देवी ने पुलिस टीम की मुस्तैदी की सराहना करते हुए कहा कि अगर आज पुलिस देवदूत बनकर नहीं आती, तो उनकी बेटी का जीवन नर्क बन जाता। फिलहाल पुलिस इस गिरोह के अंतरराज्यीय नेटवर्क और मुख्य सरगना की तलाश में जुटी है।