प्रेम प्रसंग में पति बना सबसे बड़ा रोड़ा तो रच डाली खौफनाक साजिशः पत्नी ने प्रेमी और उसके साथियों संग मिलकर उतारा मौत के घाट
रेवाड़ी। हरियाणा के रेवाड़ी जिले में पुलिस ने एक ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाते हुए 21 वर्षीय युवक की हत्या का सनसनीखेज खुलासा किया है। जिस मौत को शुरुआत में नहर में डूबने से हुई दुर्घटना माना जा रहा था, दरअसल वह प्रेम प्रसंग के चलते रची गई सुनियोजित हत्या निकली। थाना कसौला पुलिस ने मृतक की पत्नी और उसके एक सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी। हत्या के बाद इसे हादसा साबित करने की पूरी कोशिश की गई, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) ने आरोपियों की पूरी योजना का पर्दाफाश कर दिया। डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने बताया कि गांव जड़थल निवासी रतनलाल ने 9 जून को अपने 21 वर्षीय बेटे मोनू के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 8 जून की रात करीब 10 बजे मोनू स्कूटी से दवाई लेने के लिए घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी। दो दिन बाद 10 जून को गांव आसलवास के पास नहर में मोनू का शव बरामद हुआ। उसकी स्कूटी भी नहर के किनारे खड़ी मिली। प्रारंभिक जांच में ऐसा प्रतीत हुआ कि युवक का पैर फिसलने या किसी अन्य कारण से नहर में गिरने से उसकी मौत हुई होगी। फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की शुरुआती जांच में भी शरीर पर किसी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं मिले। हालांकि, परिजनों ने शुरू से ही इसे हत्या बताते हुए गहराई से जांच कराने की मांग की।
परिजनों के शक ने बदल दी जांच की दिशा
परिवार के संदेह को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने मामले में हत्या की धाराएं जोड़ दीं। इसके बाद तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन और अन्य वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर जांच शुरू की गई। जांच आगे बढ़ने पर शक की सुई सीधे मृतक की पत्नी तन्नु की ओर घूम गई। पुलिस ने जब तन्नु की गतिविधियों और मोबाइल रिकॉर्ड की जांच की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। इसके बाद पत्नी तन्नु निवासी कसोली और उसके सहयोगी हरिओम निवासी मुंडनवास कमालपुर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में दोनों ने हत्या की साजिश का खुलासा कर दिया।
प्रेमी के साथ मिलकर बनाई हत्या की योजना
पुलिस के अनुसार तन्नु का सोनू नामक युवक के साथ प्रेम संबंध था। दोनों अपने रिश्ते में सबसे बड़ी बाधा मोनू को मानते थे। इसलिए उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई। इस साजिश में सोनू ने अपने दो दोस्तों हरिओम और अमन को भी शामिल किया। योजना के तहत तन्नु ने फोन कर मोनू को कसोली गांव बुलाया। वहां पहले से घात लगाए बैठे हरिओम और अमन ने उसे पकड़ लिया। आरोपियों ने उसका मुंह और नाक दबाकर उसे बेहोश कर दिया। इसके बाद उसे आसलवास नहर में फेंक दिया, ताकि मामला दुर्घटना प्रतीत हो और किसी को हत्या का संदेह न हो।
रोने का नाटक करती रही पत्नी, कॉल डिटेल ने खोला राज
पुलिस के अनुसार जब मोनू का शव बरामद हुआ तो उसकी पत्नी तन्नु फूट-फूटकर रोती रही और खुद को बेगुनाह साबित करने का प्रयास करती रही। लेकिन पुलिस ने जब उसके मोबाइल की कॉल डिटेल निकाली तो पूरा सच सामने आ गया। जांच में पता चला कि वारदात के आसपास के समय में तन्नु ने अपने प्रेमी सोनू से 39 बार फोन पर बातचीत की थी। इतनी अधिक बातचीत ने पुलिस का शक और गहरा कर दिया। इसके बाद जब तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ को जोड़ा गया तो पूरी साजिश का खुलासा हो गया। पुलिस ने तन्नु और उसके सहयोगी हरिओम को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से दोनों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपियों से वारदात में इस्तेमाल किए गए अन्य सबूतों और घटनाक्रम के बारे में पूछताछ कर रही है। वहीं मुख्य आरोपी सोनू और उसका साथी अमन अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।