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बारिश का असर: द्वितीय केदार मध्यमहेश्वर धाम की यात्रा पर फिलहाल लगी रोक! पुल बहने और संवेदनशील मार्गों पर खतरे को देखते हुए प्रशासन ने लिया बड़ा निर्णय

editor
  • Awaaz Desk
  • August 07, 2026 01:08 PM
Impact of rain: Pilgrimage to the second Kedar, Madhyamaheshwar Dham, currently suspended! The administration has taken a major decision in view of washed-away bridges and hazards on vulnerable routes.

रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के प्रसिद्ध द्वितीय केदार भगवान मध्यमहेश्वर धाम की यात्रा पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। लगातार हो रही बारिश, यात्रा मार्ग पर बढ़ते भूस्खलन के खतरे, मधुगंगा नदी पर बने लकड़ी के पुल के बह जाने और ट्रॉली के माध्यम से हो रही आवाजाही को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन यह बड़ा फैसला लिया है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए मध्यमहेश्वर यात्रा को अगले आदेश तक स्थगित करने के निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन के इस निर्णय के बाद आने वाले दिनों में मध्यमहेश्वर धाम की यात्रा की योजना बना रहे श्रद्धालुओं को फिलहाल इंतजार करना होगा। जिला प्रशासन का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में यात्रा जारी रखना यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से उचित नहीं है और किसी भी तरह का जोखिम उठाना बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। जानकारी के अनुसार तलसारी तोक से बनतोली तक पैदल यात्रा मार्ग पर इन दिनों पहाड़ी कटिंग का कार्य चल रहा है। लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। संवेदनशील क्षेत्रों में पहाड़ियों से पत्थर और मलबा गिरने की आशंका लगातार बनी हुई है, जिससे यात्रियों की आवाजाही जोखिमपूर्ण हो गई है। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब कुछ समय पहले मधुगंगा नदी पर बना लकड़ी का पुल तेज बहाव में बह गया। इसके बाद नदी पार कराने के लिए अस्थायी रूप से ट्रॉली की व्यवस्था की गई है। यात्रा सीजन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से ट्रॉली पर अत्यधिक दबाव बढ़ गया है। कई बार लंबी कतारें लगने और अधिक भीड़ के कारण अव्यवस्था की स्थिति भी देखने को मिली है। इसी बीच लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने ट्रॉली के रखरखाव और आवश्यक मरम्मत कार्य के लिए दो से तीन दिन का समय मांगा है। विभाग का कहना है कि ट्रॉली का तकनीकी परीक्षण और सुरक्षा मानकों के अनुरूप आवश्यक मरम्मत करना अनिवार्य है, ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे बिना आधिकारिक सूचना के मध्यमहेश्वर यात्रा पर रवाना न हों। उन्होंने कहा कि यात्रा शुरू करने से पहले जिला प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा जारी ताजा दिशा-निर्देशों की जानकारी अवश्य प्राप्त करें। साथ ही सभी यात्रियों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और मौसम की स्थिति को देखते हुए ही यात्रा की योजना बनाने की अपील की गई है।


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