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केतन मर्डर केस में जांच ने पकड़ी रफ्तार! मंगेतर और कथित प्रेमी पर हत्या की साजिश रचने का आरोप, लोहागढ़ किले पर सीन रिक्रिएशन के जरिए पुलिस जोड़ रही हर कड़ी

editor
  • Awaaz Desk
  • June 28, 2026 12:06 PM
Investigation into the Ketan murder case gains momentum! Fiancée and alleged lover accused of plotting the murder; police are piecing together the evidence through a crime scene reenactment at Lohagarh Fort.

नई दिल्ली। महाराष्ट्र के पुणे में रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत का मामला अब एक नए और बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। शुरुआती जांच में जिस घटना को एक हादसा माना जा रहा था, वह अब पुलिस की जांच में कथित तौर पर सुनियोजित हत्या के रूप में सामने आ रही है। इस मामले में पुलिस ने मृतक की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया है। अब पुलिस सीन रीक्रिएशन, तकनीकी साक्ष्यों और फॉरेंसिक जांच के जरिए पूरे घटनाक्रम की परतें खोलने में जुटी है। रविवार को पुणे ग्रामीण पुलिस सिया गोयल को लोहागढ़ किले पर लेकर पहुंची, जहां 18 जून को केतन अग्रवाल की मौत हुई थी। पुलिस की मौजूदगी में घटनास्थल पर सीन रीक्रिएट कराया गया। इस दौरान सिया से यह दिखवाया गया कि घटना वाले दिन कौन कहां मौजूद था, किस दिशा में गतिविधियां हुईं और आखिर वह घटनाक्रम कैसे हुआ, जिसके बाद केतन गहरी खाई में गिर गए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सीन रीक्रिएशन का उद्देश्य आरोपियों द्वारा पूछताछ में दिए गए बयानों का घटनास्थल की वास्तविक परिस्थितियों से मिलान करना है। जांच एजेंसियां यह जानने का प्रयास कर रही हैं कि क्या घटनास्थल पर वही परिस्थितियां मौजूद थीं, जैसा आरोपी बता रहे हैं, क्या जिस स्थान का जिक्र किया गया वहां से किसी को धक्का देना संभव था और क्या पूरी घटना उसी क्रम में घटित हो सकती थी जैसा कथित तौर पर बयान दिया गया है।

शादी नहीं करना चाहती थी सिया, पुलिस का बड़ा दावा
जांच में अब तक सामने आए तथ्यों के अनुसार, 20 वर्षीय सिया गोयल की सगाई पुणे के 26 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल से हुई थी। हालांकि पुलिस का दावा है कि सिया इस शादी के पक्ष में नहीं थी। इसी दौरान उसका 22 वर्षीय चेतन चौधरी के साथ प्रेम संबंध था। पुलिस का आरोप है कि दोनों ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रची। पूछताछ के दौरान सिया ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि यदि वह तय हो चुकी अरेंज मैरिज से इनकार करती तो परिवार और समाज में बदनामी होती। पुलिस के अनुसार, इसी वजह से दोनों ने कथित तौर पर हत्या की योजना बनाई।

घूमने के बहाने बुलाया, फिर खाई में धक्का देने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, योजना के तहत केतन अग्रवाल को घूमने के बहाने लोहागढ़ किले पर बुलाया गया। आरोप है कि पहले से मौजूद चेतन चौधरी ने सिया के इशारे पर पीछे से केतन को गहरी खाई में धक्का दे दिया। घटना के बाद इसे दुर्घटना की तरह पेश करने की कोशिश की गई, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिन्होंने पुलिस का शक गहरा दिया।

मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी और डिजिटल सबूत खंगाल रही पुलिस
मामले की जांच केवल आरोपियों के बयानों तक सीमित नहीं है। पुलिस मोबाइल फोन की लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) डिजिटल फुटप्रिंट, सीसीटीवी फुटेज और घटना से पहले एवं बाद की गतिविधियों का भी बारीकी से विश्लेषण कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि हत्या की कथित योजना कब बनाई गई, किस तरह तैयार हुई और क्या इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भी कोई भूमिका रही।

तीन साल तक शादी टालने की थी कथित योजना
पुलिस जांच में यह दावा भी सामने आया है कि सिया का मानना था कि केतन की मौत के बाद परिवार शादी का विषय कम से कम तीन वर्षों तक नहीं उठाएगा। वहीं जांचकर्ताओं को यह भी संदेह है कि चेतन चौधरी ने भी सिया से विवाह करने से पहले कुछ वर्षों का समय मांगा था। इन पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

उदयपुर ट्रिप भी जांच के दायरे में
जांच के दौरान पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि फरवरी में सगाई होने से पहले जनवरी माह में सिया अपने कथित प्रेमी चेतन और कुछ दोस्तों के साथ पांच दिनों की उदयपुर यात्रा पर गई थी। पुलिस इस यात्रा और उससे जुड़े सभी तथ्यों की भी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित साजिश की शुरुआत कब और कैसे हुई।

सीन रीक्रिएशन बना जांच का अहम हिस्सा
पुणे ग्रामीण पुलिस का कहना है कि सीन रीक्रिएशन इस पूरे मामले की जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि घटनास्थल पर आरोपियों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों में कोई विरोधाभास मिलता है तो उसी आधार पर आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का मानना है कि तकनीकी साक्ष्य, फॉरेंसिक रिपोर्ट और घटनास्थल से मिले तथ्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।

क्या है पूरा मामला?
18 जून को पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की लोहागढ़ किले से गिरकर मौत हो गई थी। शुरुआत में इसे एक दुर्घटना माना गया, लेकिन जांच के दौरान मामला कथित तौर पर हत्या का निकला। पुलिस के अनुसार, घटना के समय केतन अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ किले पर मौजूद थे, जबकि चेतन चौधरी पहले से वहां मौजूद था। पुलिस का आरोप है कि पूर्व नियोजित योजना के तहत केतन को गहरी खाई में धक्का दिया गया। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और मामले की तकनीकी, फॉरेंसिक तथा परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर विस्तृत जांच जारी है।


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